पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। प्रभु यीशु मसीह की शांति और प्रेम आप सभी के साथ हो।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
हम अक्सर जीवन को एक ऐसी किताब की तरह पढ़ते हैं, जिसके पन्ने हम अपनी मर्जी से पलट सकते हैं। हम सोचते हैं कि यदि हम मेहनत करें, सही निर्णय लें और पूरी सावधानी बरतें, तो हम अपनी कहानी को सुरक्षित रख सकते हैं। आज के पहले पाठ में अय्यूब हमसे मिलता है। अय्यूब वह व्यक्ति है जिसने सब कुछ खो दिया—अपना परिवार, अपना धन, अपना स्वास्थ्य। वह खड़ा होकर कहता है, 'ईश्वर महान हैं और उनकी शक्ति असीम है; कौन है जो उनके सामने टिक सके?' अय्यूब का दुख कोई सैद्धांतिक बहस नहीं है; यह वह सन्नाटा है जो तब आता है जब जीवन की नींव अचानक हिल जाती है।
एलन, थाओ और रयान, मैं जानता हूँ कि यह सन्नाटा आपके लिए कितना वास्तविक है। बेन के जाने के बाद, वह खालीपन, वह मौन, हर कमरे में गूँजता है। आप उस बालक की यादों को सहेजते हैं—उसकी प्रखर बुद्धि, उसकी कोडिंग की दुनिया, और वह बेमिसाल जिज्ञासा जिसके साथ वह विमानों को निहारता था। आप उस 'कॉन चिम एयरलाइन्स' के सपने को याद करते हैं, जो उसके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान और खिलखिलाहट ले आता था। लेकिन आज, अय्यूब की तरह, आप शायद रात के अंधेरे में ईश्वर से पूछते हैं, 'क्यों?' और कभी-कभी, उत्तर केवल सन्नाटा ही होता है।
मैं आज आपसे उस भारी पत्थर के बारे में बात करना चाहता हूँ जो अक्सर माता-पिता के हृदय पर बैठ जाता है। वह है 'आत्म-दोष' का पत्थर। एलन, थाओ, मैं जानता हूँ कि आप रात के अंधेरे में खुद से पूछते हैं: 'क्या मैंने कुछ छोड़ दिया? क्या मैं कुछ और कर सकता था?' मैं आज आपसे यीशु के नाम पर कहना चाहता हूँ: उस बोझ को वहीं क्रूस के चरणों में रख दीजिए। बेन की बीमारी, उसका जाना—यह किसी की गलती नहीं थी। यह न तो कोई सजा थी, न ही किसी की लापरवाही का नतीजा। ईश्वर ने बेन को आपको सौंपा, और आपने उसे वह प्रेम दिया जो किसी भी महल की नींव से अधिक गहरा था। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। वह बीमारी, वह दुख, मानवीय नियंत्रण से परे था। ईश्वर ने उसे नहीं भेजा, और आप उसे रोक नहीं सकते थे। कृपया, खुद को माफ कीजिए। बेन नहीं चाहता कि उसके माता-पिता और उसका भाई खुद को दोषी मानें। आप सबने उसे वह सब कुछ दिया जो एक बेटा अपने माता-पिता से पा सकता है।
आज के सुसमाचार में, यीशु के पीछे चलने की बात हो रही है। एक व्यक्ति कहता है, 'मैं आपके पीछे चलूँगा, लेकिन पहले मुझे अपने परिवार से विदा लेने दें।' यीशु उससे कहते हैं, 'जो हल पर हाथ रखकर पीछे मुड़कर देखता है, वह ईश्वर के राज्य के योग्य नहीं है।' यह कठोर लगता है, है ना? लेकिन यीशु यहाँ हमें छोड़ देने या भूल जाने के लिए नहीं कह रहे हैं। वे हमें 'आगे देखने' के लिए कह रहे हैं। वे हमें उस अनंत जीवन की ओर देखने के लिए बुला रहे हैं जहाँ बेन अब पूरी तरह से सुरक्षित है। बेन, जो हमेशा अपने परिवार के प्रति इतना कोमल और समर्पित था—वह बेन जो अपने चाचा विलियम के लिए अपनी पूरी गुल्लक देने के लिए तैयार था—वह अब उसी राज्य में है। उसने गुल्लक तोड़ी नहीं, उसे खाली नहीं किया, लेकिन उसका वह प्रस्ताव ही उसके हृदय का सबसे बड़ा सच था। वह प्रेम का बीज था, जो अब स्वर्ग में फल बन चुका है।
संत जेरोम, जिनका आज हम स्मरण करते हैं, उन्होंने अपना पूरा जीवन ईश्वर के वचन को समझने में लगा दिया। उन्होंने कहा था कि 'शास्त्रों को न जानना, मसीह को न जानना है।' बेन का जीवन भी एक ऐसा ही शास्त्र था—पवित्र, कोमल और प्रेम से भरा। वह अब उस 'भोज' में है जिसका सपना संत कार्लो अकुतिस ने देखा था। वह अब उस विमान में नहीं है जो ज़मीन पर उतरता है, वह अब उस अनंत आकाश में है जहाँ कोई 'एयरपोर्ट' की सीमा नहीं है। वह मुस्कुरा रहा है, वह सुरक्षित है, और वह आपसे कह रहा है: 'बा ओई, माँ, रयान, मैं ठीक हूँ। मैं यहाँ से आप सबको देख रहा हूँ।' रयान, तुम अपने भाई के उस प्रेम की विरासत को आगे बढ़ा रहे हो। तुम अकेले नहीं हो। तुम जब भी किसी की मदद करते हो, तुम बेन की उस मुस्कान को दुनिया में जीवित रखते हो।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। बेन की उस उदारता को याद रखें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी एक मुस्कान की ज़रूरत है। किसी को माफ करें, शायद खुद को सबसे पहले। बेन की उस खिलखिलाती हुई हँसी को याद करें और अपने जीवन में उस शांति को वापस आने दें। ईश्वर का यह प्रेम आपके हर घाव को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। बेन का प्रेम आज भी 'वेल ऑफ लव' (Giếng Gioan Baotixita) के रूप में बह रहा है। वह रुका नहीं है, वह मरा नहीं है। वह उन लोगों की प्यास बुझा रहा है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। शांति से जाइए, और इस विश्वास के साथ जिएं कि ईश्वर का प्रेम ही हमारा अंतिम घर है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीर्वाद दे और आपकी रक्षा करे। वह आप पर अपना मुख चमकाए और आपको शांति प्रदान करे।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।