पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। हमारे प्रभु यीशु मसीह की कृपा, ईश्वर का प्रेम और पवित्र आत्मा की सहभागिता आप सभी के साथ हो।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
हम अक्सर जीवन को एक व्यवस्थित कार्य-योजना की तरह देखते हैं। एक ऐसी तालिका, जहाँ हम अपने लक्ष्यों को लिखते हैं, और फिर उन्हें एक-एक करके पूरा करते हैं। बेन, वह बालक जिसकी बुद्धि इतनी प्रखर थी कि वह पंद्रह वर्ष की आयु में ही जटिल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और गणित के सूत्रों को ऐसे समझ लेता था जैसे कोई अपनी मातृभाषा बोल रहा हो, उसने भी अपने जीवन में एक अद्भुत स्पष्टता दिखाई थी। वह अपने पिता के साथ बैठकर 'कॉन चिम एयरलाइन्स' के सपनों को बुनता था, वह विमानों के मॉडलों को निहारता था, और उसके पास एक ऐसी जिज्ञासा थी जो हमेशा कुछ नया सीखने के लिए तत्पर रहती थी। लेकिन आज, जब हम संत मत्ती के पर्व पर सुसमाचार के उस दृश्य को देखते हैं, तो हमारी सारी योजनाएं एक पल में बदल जाती हैं।
सुसमाचार में, यीशु मत्ती के पास से गुजर रहे हैं। मत्ती एक सीमा शुल्क कार्यालय में बैठे हैं—एक ऐसा स्थान जहाँ हर चीज़ का हिसाब-किताब होता है, जहाँ हर सिक्के का लेखा-जोखा रखा जाता है। और यीशु, जो संसार के रचयिता हैं, बस एक वाक्य कहते हैं: 'मेरे पीछे चले आओ।' न कोई लंबी चर्चा, न कोई शर्त, न कोई गणितीय गणना। मत्ती अपना सब कुछ वहीं छोड़ देते हैं। वे अपना हिसाब-किताब, अपनी कुर्सी, अपना वह सुरक्षित स्थान—सब कुछ पीछे छोड़ देते हैं। यह समर्पण हमें बेन की उस उदारता की याद दिलाता है, जब उसने अपने चाचा विलियम की बीमारी के समय अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश की थी। वह गुल्लक नहीं टूटी, वह पैसे नहीं दिए गए, लेकिन उसका वह 'प्रस्ताव' ही उसके हृदय का सबसे बड़ा सच था। वह अपने पास जो कुछ भी था, उसे न्योछावर करने को तैयार था। और आज, यीशु उसी तरह का समर्पण हमसे भी मांग रहे हैं।
एलन, थाओ, और रयान, मैं जानता हूँ कि तीन महीने पहले, 13 जून को, जब बेन ने इस संसार से विदा ली, तो आपके हृदय का गणित पूरी तरह बदल गया। कभी-कभी, जब आप बेन की उन तस्वीरों को देखते हैं—शायद वह पल जब वह रयान के साथ बैठकर एक स्टीमर बास्केट साझा कर रहा था, या वह मुस्कान जो उसके चेहरे पर तब होती थी जब वह किसी विमान के बारे में बात करता था—तो आपको लगता होगा कि क्या यह सब केवल एक सपना था? उस मुस्कान में जो खुशी थी, क्या वह अब केवल यादों के पन्नों में कैद है? नहीं। वह प्रेम जो बेन ने आपसे साझा किया, वह कभी समाप्त नहीं हो सकता। वह प्रेम आज उस 'वेल ऑफ लव' (Giếng Gioan Baotixita) के माध्यम से वियतनाम के उस गाँव में प्यासों को जीवन का जल दे रहा है। बेन का जीवन एक ऐसा बीज था जो मरकर भी फल दे रहा है।
मैं आज आपसे उस भारी पत्थर के बारे में बात करना चाहता हूँ जो अक्सर माता-पिता के हृदय पर बैठ जाता है। वह है 'आत्म-दोष' का पत्थर। आप में से कई लोग, जो इस भारी दुख से गुजर रहे हैं, शायद रात के अंधेरे में खुद से पूछते हैं: 'क्या मैंने कुछ छोड़ दिया? क्या मैं कुछ और कर सकता था? क्या यह मेरी कोई कमी थी?' मैं आज आपसे यीशु के नाम पर कहना चाहता हूँ: उस बोझ को वहीं क्रूस के चरणों में रख दीजिए। बेन की बीमारी, उसका जाना—यह किसी की गलती नहीं थी। यह न तो कोई सजा थी, न ही किसी की लापरवाही का नतीजा। ईश्वर ने बेन को आपको सौंपा, और आपने उसे वह प्रेम दिया जो किसी भी महल की नींव से अधिक गहरा था। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। वह बीमारी, वह दुख, मानवीय नियंत्रण से परे था। ईश्वर ने उसे नहीं भेजा, और आप उसे रोक नहीं सकते थे। कृपया, खुद को माफ कीजिए। बेन नहीं चाहता कि उसके माता-पिता और उसका भाई खुद को दोषी मानें।
संत पौलुस आज के पहले पाठ में हमें याद दिलाते हैं कि हम 'एक शरीर और एक आत्मा' हैं। हम एक ही आशा के लिए बुलाए गए हैं। बेन अब उस शरीर का एक हिस्सा है जो स्वर्ग में है। वह अब उस 'कॉन चिम एयरलाइन्स' का हिस्सा है जो ईश्वर की करुणा के अनंत आकाश में उड़ रही है। वह अब उस विमान में नहीं है जो जमीन पर उतरता है, वह अब उस अनंत ऊँचाई पर है जहाँ कोई 'एयरपोर्ट' की सीमा नहीं है। वह अब उस 'भोज' में है जिसका सपना संत कार्लो अकुतिस ने देखा था।
रयान, मेरे बेटे, तुम और बेन एक ही प्रेम की धारा के दो हिस्से हो। तुम दोनों ने साथ में जो सपने देखे, जो खिलखिलाहट साझा की, वह कभी खत्म नहीं होगी। तुम आज अपने माता-पिता के लिए उस सहारे की तरह हो जो प्रेम को थामे रखता है। तुम अकेले नहीं हो। बेन तुम्हें देख रहा है। वह अब उस अनंत आकाश में है जिसका वह सपना देखता था, और वह तुम्हें अपनी उस मुस्कान के साथ निहार रहा है जो कभी फीकी नहीं पड़ती।
यीशु ने कहा, 'मैं धार्मिकों को नहीं, बल्कि पापियों को बुलाने आया हूँ।' इसका अर्थ है कि वे हमें हमारी कमियों के साथ स्वीकार करते हैं। वे हमारे आंसुओं को स्वीकार करते हैं। वे हमारे दुख को स्वीकार करते हैं। आज, मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि आप अपने स्वयं के प्रति दयालु बनें। उस पिता को माफ करें जो अपने बेटे को नहीं बचा पाया, उस माँ को माफ करें जो रात को जागकर रोती है। ईश्वर ने आपको माफ कर दिया है, तो आप खुद को क्यों नहीं माफ कर सकते? बेन नहीं चाहता कि आप अपराधबोध में जिएं। वह तो बस चाहता है कि आप उसकी उस मुस्कान को याद रखें जो उसने जीवन के हर मोड़ पर बिखेरी थी।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। बेन की उस उदारता को याद रखें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी एक मुस्कान की ज़रूरत है। किसी को माफ करें, शायद खुद को सबसे पहले। बेन की उस खिलखिलाती हुई हँसी को याद करें और अपने जीवन में उस शांति को वापस आने दें। वह मुस्कुरा रहा है, वह सुरक्षित है, और वह आपसे कह रहा है: 'बा ओई, माँ, रयान, मैं ठीक हूँ। मैं यहाँ से आप सबको देख रहा हूँ।' ईश्वर का यह प्रेम आपके हर घाव को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीष दे और आपकी रक्षा करे। पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।