पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। प्रभु की शांति और आनंद आप सबके साथ हो।
हे प्रभु, दया कर। हे मसीह, दया कर। हे प्रभु, दया कर।
हम अक्सर अपने जीवन को एक ऐसी किताब की तरह देखते हैं जिसके पन्नों को हम खुद लिखते हैं। हम योजना बनाते हैं, हम अध्याय तय करते हैं, और हम यह मान लेते हैं कि यदि हम मेहनत करें और सही दिशा में चलें, तो कहानी का अंत हमारी शर्तों पर होगा। आज का पहला पाठ, उपदेशक का ग्रंथ, हमें एक आईना दिखाता है। वह कहता है, 'व्यर्थ ही व्यर्थ! सब कुछ व्यर्थ है!' यह सुनकर शायद हमें लगे कि यह बहुत निराशावादी है। लेकिन रुकिए। क्या आपने कभी किसी बच्चे को रेत के महल बनाते देखा है? वह उसे पूरी लगन से बनाता है, उसे सजाता है, और फिर लहरें आती हैं और उसे मिटा देती हैं। क्या वह मेहनत व्यर्थ थी? नहीं। वह मेहनत उस बच्चे की खुशी थी। वह पल था। वह प्रेम था। बेन, हमारा प्यारा बेंजामिन, उसने भी अपने पंद्रह वर्षों में ऐसे ही कई महल बनाए थे। उसने अपने पिता के साथ बैठकर विमानों के मॉडलों को निहारा, उसने कोडिंग की दुनिया में अपनी बुद्धिमानी के झंडे गाड़े, और उसने अपने परिवार के साथ दुनिया के कोने-कोने में यादें संजोईं। उसकी मेहनत, उसकी जिज्ञासा, उसका वह अद्भुत दिमाग—क्या वह सब व्यर्थ था? बिल्कुल नहीं। वह सब ईश्वर की दृष्टि में अनमोल था, क्योंकि वह सब प्रेम से भरा हुआ था।
आज का सुसमाचार हमें राजा हेरोद के पास ले जाता है। वह उलझन में है। वह सोच रहा है, 'यह कौन है जिसके बारे में मैं ऐसी बातें सुनता हूँ?' वह जॉन बपतिस्मा देने वाले को याद करता है, जिसे उसने मरवा दिया था। हेरोद के मन में एक बेचैनी है, एक खालीपन है। वह 'देखने की कोशिश कर रहा है।' यह खालीपन सिर्फ हेरोद का नहीं है। यह उस हर इंसान का है जिसने कुछ खोया है। एलन, थाओ, और रयान, मैं जानता हूँ कि तीन महीने पहले, 13 जून को, जब बेन ने इस संसार से विदा ली, तो आपके घर में एक ऐसा सन्नाटा पसर गया जिसे कोई भी शब्द नहीं भर सकता। आप उस खाली कुर्सी को देखते हैं, आप उस कमरे को देखते हैं जहाँ बेन की कोडिंग की दुनिया बसी थी, और आप सोचते हैं कि यह सब कैसे हुआ। आप शायद उस सपने को याद करते हैं जो आपने 25 जून की रात देखा था—जहाँ बेन ने आपसे कहा था, 'बा ओई, मैं ठीक हूँ। मैं स्वर्ग में रहूँगा।' वह सपना कोई कल्पना नहीं थी; वह उस सच्चाई की झलक थी जिसे हम अभी पूरी तरह नहीं देख पा रहे हैं।
मुझे आज आपसे उस भारी पत्थर के बारे में बात करनी है जो अक्सर माता-पिता के हृदय पर बैठ जाता है। वह है 'आत्म-दोष' का पत्थर। एलन, थाओ, मैं जानता हूँ कि आप रात के अंधेरे में खुद से पूछते हैं: 'क्या मैंने कुछ छोड़ दिया? क्या मैं कुछ और कर सकता था?' मैं आज आपसे यीशु के नाम पर कहना चाहता हूँ: उस बोझ को वहीं क्रूस के चरणों में रख दीजिए। बेन की बीमारी, उसका जाना—यह किसी की गलती नहीं थी। यह न तो कोई सजा थी, न ही किसी की लापरवाही का नतीजा। ईश्वर ने बेन को आपको सौंपा, और आपने उसे वह प्रेम दिया जो किसी भी महल की नींव से अधिक गहरा था। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। वह बीमारी, वह दुख, मानवीय नियंत्रण से परे था। ईश्वर ने उसे नहीं भेजा, और आप उसे रोक नहीं सकते थे। कृपया, खुद को माफ कीजिए। बेन नहीं चाहता कि उसके माता-पिता और उसका भाई खुद को दोषी मानें। आप सबने उसे वह सब कुछ दिया जो एक बेटा अपने माता-पिता से पा सकता है—एक ऐसा प्रेम जो कभी नहीं मरता।
बेन की जिज्ञासा अद्भुत थी। वह 'कॉन चिम एयरलाइन्स' का सपना देखता था। वह अपने पिता के साथ बैठकर विमानों को निहारता था। वह एक ऐसा बालक था जो हमेशा 'कोशिश करने' में विश्वास रखता था। याद कीजिए, जब उसने अपने चाचा विलियम की बीमारी के समय अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश की थी। उसने उसे तोड़ा नहीं, उसने उसे खाली नहीं किया—वह प्रस्ताव ही उसके हृदय का सबसे बड़ा सच था। वह एक ऐसा बालक था जो अपना सब कुछ देने को तैयार था, क्योंकि उसने प्रेम करना सीखा था। आज, बेन का वही प्रेम वियतनाम के उस गाँव में 'वेल ऑफ लव' (Giếng Gioan Baotixita) के रूप में बह रहा है। वह पानी उन लोगों की प्यास बुझा रहा है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। बेन का जीवन एक ऐसा बीज था जिसने मरकर भी फल दिया है।
रयान, तुम अपने भाई के उस प्रेम की विरासत को आगे बढ़ा रहे हो। तुम अकेले नहीं हो। तुम जब भी अपने भाई को याद करते हो, तो तुम उसके साथ उस 'रोलर कोस्टर' पर होते हो। तुम जब भी किसी की मदद करते हो, तो तुम बेन की उस मुस्कान को दुनिया में जीवित रखते हो। एलन और थाओ, आप दोनों ने बेन को जो सिखाया—वह करुणा, वह सम्मान, वह जिज्ञासा—वह आज भी आपके जीवन के माध्यम से कार्य कर रही है।
आज का भजन कहता है, 'हे प्रभु, तू हर पीढ़ी में हमारा आश्रय रहा है।' यह आश्रय ही हमारी ताकत है। बेन अब उस आश्रय में है। वह अब उस 'भोज' में है जिसका सपना संत कार्लो अकुतिस ने देखा था। वह अब उस विमान में नहीं है जो ज़मीन पर उतरता है, वह अब उस अनंत आकाश में है जहाँ कोई 'एयरपोर्ट' की सीमा नहीं है। वह अब उस जगह है जहाँ कोई दर्द नहीं है, कोई बीमारी नहीं है, केवल ईश्वर का अनंत प्रकाश है।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। बेन की उस उदारता को याद रखें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी एक मुस्कान की ज़रूरत है। किसी को माफ करें, शायद खुद को सबसे पहले। बेन की उस खिलखिलाती हुई हँसी को याद करें और अपने जीवन में उस शांति को वापस आने दें। वह मुस्कुरा रहा है, वह सुरक्षित है, और वह आपसे कह रहा है: 'बा ओई, माँ, रयान, मैं ठीक हूँ। मैं यहाँ से आप सबको देख रहा हूँ।' ईश्वर का यह प्रेम आपके हर घाव को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीर्वाद दे और आपकी रक्षा करे। पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।