पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। प्रभु का अनुग्रह और शांति आप सभी के साथ हो।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
आज, जब हम यहाँ एकत्रित हुए हैं, तो आइए हम एक बहुत ही साधारण, छोटी सी चीज़ के बारे में सोचें—एक बीज के बारे में। कल्पना कीजिए कि आपके हाथ में एक छोटा सा, सूखा हुआ गेहूं का दाना है। यदि आप इसे मेज पर रख दें, तो यह बस एक बीज ही बना रहेगा। यह कठोर है, यह बंद है। लेकिन जब हम इसे मिट्टी में दबा देते हैं, जब हम इसे उस जगह डाल देते हैं जहाँ अंधेरा है और जहाँ यह दिखाई नहीं देता, तो कुछ अद्भुत होने लगता है। वह बीज मर जाता है, उसका बाहरी आवरण फट जाता है, और उसमें से एक नया जीवन फूट पड़ता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे हम अक्सर अपनी आँखों से नहीं देख पाते, लेकिन यह जीवन का सबसे गहरा सत्य है।
संत पौलुस आज हमें कुरिन्थियों को लिखे अपने पत्र में यही रहस्य समझा रहे हैं। वे कहते हैं, 'जो बोया जाता है, वह नाशवान है, परंतु जो उठाया जाता है, वह अविनाशी है।' हम अक्सर अपने प्रियजनों के जाने को एक अंत की तरह देखते हैं। हम उस खाली कुर्सी को देखते हैं, हम उस कमरे के सन्नाटे को महसूस करते हैं जहाँ कभी बेन की आवाज़ गूँजती थी, और हमें लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया। लेकिन पौलुस हमें याद दिला रहे हैं कि यह अंत नहीं है, यह एक रूपांतरण है। जैसे बीज का मरना उसके जीवन का अंत नहीं, बल्कि उसके फलने-फूलने की शुरुआत है, वैसे ही हमारा पार्थिव शरीर, जो कमज़ोर और नश्वर है, एक दिन महिमामय और सामर्थ्यवान होकर उठेगा।
एलन, थाओ, और रयान, मैं जानता हूँ कि तीन महीने का समय बीत गया है, लेकिन आप में से हर किसी के लिए, यह समय अभी भी थमा हुआ सा लगता है। बेन—वह पंद्रह साल का बालक जिसकी बुद्धि इतनी प्रखर थी कि वह क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और गणित के जटिल रहस्यों को ऐसे सुलझा लेता था जैसे कोई खेल खेल रहा हो। मुझे याद आता है कि कैसे वह अपने पिता के साथ बैठकर 'कॉन चिम एयरलाइन्स' के सपनों के बारे में बात करता था। उसकी वह मासूम मुस्कान, उसकी वह जिज्ञासा, वह सब अब एक याद बनकर रह गई है। लेकिन क्या वह सब कुछ बस अतीत है? क्या वह बीज जो उसने अपने छोटे से जीवन में बोया था, वह अब सूख गया है? नहीं। बेन का जीवन उस 'अच्छी मिट्टी' में बोया गया बीज था, जिसने सौ गुना फल दिया है। उसका प्रेम, उसकी करुणा, उसकी वह उदारता—जब उसने अपने चाचा विलियम के लिए अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश की थी—वह सब उस 'अविनाशी' जीवन का प्रमाण है जिसे ईश्वर ने उसे दिया है।
मैं आज आपसे उस भारी पत्थर के बारे में बात करना चाहता हूँ जो अक्सर माता-पिता के हृदय पर बैठ जाता है। वह है 'आत्म-दोष' का पत्थर। आप में से कई लोग, जो इस भारी दुख से गुजर रहे हैं, शायद रात के अंधेरे में खुद से पूछते हैं: 'क्या मैंने कुछ छोड़ दिया? क्या मैं कुछ और कर सकता था? क्या यह मेरी कोई कमी थी?' मैं आज आपसे यीशु के नाम पर कहना चाहता हूँ: उस बोझ को वहीं क्रूस के चरणों में रख दीजिए। बेन की बीमारी, उसका जाना—यह किसी की गलती नहीं थी। यह न तो कोई सजा थी, न ही किसी की लापरवाही का नतीजा। ईश्वर ने बेन को आपको सौंपा, और आपने उसे वह प्रेम दिया जो किसी भी महल की नींव से अधिक गहरा था। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। वह बीमारी, वह दुख, मानवीय नियंत्रण से परे था। ईश्वर ने उसे नहीं भेजा, और आप उसे रोक नहीं सकते थे। कृपया, खुद को माफ कीजिए। बेन नहीं चाहता कि उसके माता-पिता और उसका भाई खुद को दोषी मानें।
सुसमाचार में, यीशु 'बीज बोने वाले' का दृष्टांत सुनाते हैं। वे कहते हैं कि कुछ बीज पथरीली जमीन पर गिरे, कुछ काँटों के बीच, और कुछ अच्छी मिट्टी में। बेन का जीवन उस 'अच्छी मिट्टी' की तरह था। वह एक ऐसा हृदय था जिसने ईश्वर के शब्द को सुना और उसे अपने जीवन में धारण किया। वह केवल अपने लिए नहीं जीता था; वह दूसरों के लिए जीता था। वह उस 'कॉन चिम एयरलाइन्स' के विमानों की तरह था जो ऊँचाई पर उड़ना चाहते थे। आज, वह स्वर्ग की अनंत ऊँचाइयों में है। वह अब उन सीमाओं से मुक्त है जो यह संसार हम पर लगाता है। वह अब उस 'भोज' में है जिसका सपना संत कार्लो अकुतिस ने देखा था।
रयान, मेरे बेटे, मैं जानता हूँ कि तुम अपने भाई को बहुत याद करते हो। कभी-कभी तुम्हें लगता होगा कि तुम अकेले हो। लेकिन याद रखो, तुम और बेन एक ही प्रेम की धारा के दो हिस्से हो। तुम दोनों ने साथ में जो सपने देखे, जो खिलखिलाहट साझा की, वह कभी खत्म नहीं होगी। तुम आज अपने माता-पिता के लिए उस सहारे की तरह हो जो प्रेम को थामे रखता है। तुम अकेले नहीं हो। बेन तुम्हें देख रहा है। वह अब उस अनंत आकाश में है जिसका वह सपना देखता था, वह अब उस 'कॉन चिम एयरलाइन्स' का हिस्सा है जो ईश्वर की करुणा के अनंत आकाश में उड़ रही है।
कभी-कभी हम सोचते हैं कि ईश्वर कहाँ है जब हम रोते हैं? लेकिन आज का भजन कहता है, 'अब मैं जानता हूँ कि ईश्वर मेरे साथ है।' ईश्वर आपके साथ है, उस खाली कुर्सी में, उस सन्नाटे में, उस प्रार्थना में जिसे आप बेन के लिए करते हैं। वह उन आंसुओं में है जो आप चुपचाप बहाते हैं। वह उस कुएं (Giếng Gioan Baotixita) में है जो बेन के नाम पर प्यासों को जीवन का जल दे रहा है। बेन का प्रेम आज भी बह रहा है। वह रुका नहीं है, वह मरा नहीं है। वह वियतनाम के उस गाँव में लोगों की प्यास बुझा रहा है।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। बेन की उस उदारता को याद रखें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी एक मुस्कान की ज़रूरत है। किसी को माफ करें, शायद खुद को सबसे पहले। बेन की उस खिलखिलाती हुई हँसी को याद करें और अपने जीवन में उस शांति को वापस आने दें। वह मुस्कुरा रहा है, वह सुरक्षित है, और वह आपसे कह रहा है: 'बा ओई, माँ, रयान, मैं ठीक हूँ। मैं यहाँ से आप सबको देख रहा हूँ।' ईश्वर का यह प्रेम आपके हर घाव को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीष दे और आपकी रक्षा करे। वह आप पर अपना मुख चमकाए और आपको शांति प्रदान करे। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।