पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। प्रभु आप सभी के साथ हों और आपकी आत्मा के साथ भी।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
आज हम एक ऐसे स्थान पर खड़े हैं जहाँ शब्द अक्सर छोटे पड़ जाते हैं। लेकिन आज का सुसमाचार हमें एक ऐसी जगह ले जाता है जो बहुत ही जानी-पहचानी है—कैसरिया फिलिप्पी। यह एक ऐसा स्थान है जहाँ चट्टानें हैं, जहाँ विशाल पत्थर हैं, और जहाँ यीशु अपने शिष्यों से एक ऐसा प्रश्न पूछते हैं जो आज भी हमारे कानों में गूंजता है: 'तुम मुझे क्या कहते हो?'
कल्पना कीजिए उस क्षण की। हवा चल रही है, यीशु के चेहरे पर एक गंभीर लेकिन कोमल भाव है। वे शिष्यों की ओर देखते हैं। वे केवल यह नहीं पूछ रहे कि दुनिया क्या सोचती है। वे सीधे आपके हृदय को देख रहे हैं। वे पूछ रहे हैं, 'तुम मुझे क्या कहते हो?'
बेंजामिन वो (Benjamin Vo) के लिए, यह प्रश्न केवल किताबी नहीं था। बेन, जो अपनी पंद्रह वर्षों की यात्रा में दुनिया के इतने कोनों तक पहुँचा, जिसने वेटिकन की सीढ़ियों को देखा और लूर्देस की पवित्र गुफाओं में प्रार्थना की, उसने यीशु को अपने जीवन के केंद्र में रखा था। बेन एक ऐसा बालक था जिसकी जिज्ञासा की कोई सीमा नहीं थी। वह क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई की जटिलताओं को समझता था, वह अपने पिता के साथ 'कॉन चिम एयरलाइन्स' (Con Chim Airlines) के सपने बुनता था और खिलखिलाकर हँसता था। लेकिन उस बुद्धिमत्ता के नीचे, एक ऐसा हृदय था जो यीशु को 'जीवित ईश्वर का पुत्र' मानता था।
आज का पहला पाठ हमें एल्याकीम के बारे में बताता है जिसे ईश्वर ने 'एक पक्की जगह पर खूँटी' की तरह गाड़ दिया। यह एक स्थिरता का प्रतीक है। जब हम अपने प्रियजनों को खोते हैं, तो हमें लगता है जैसे हमारी दुनिया की खूँटी उखड़ गई है। एलन, थाओ, और रयान... मुझे पता है कि घर में वह खाली कुर्सी, वह सन्नाटा कितना भारी है। ऐसा लगता है जैसे जीवन की लय ही टूट गई है। लेकिन आज का वचन हमें बताता है कि एल्याकीम की तरह, बेंजामिन अब उस 'पक्की जगह' पर है। वह स्वर्ग में खूँटी की तरह स्थिर है, जहाँ कोई बीमारी उसे छू नहीं सकती, जहाँ कोई दुख उसे हिला नहीं सकता। वह ईश्वर के घर में सुरक्षित है।
अक्सर हम सोचते हैं कि हम ईश्वर के लिए क्या कर सकते हैं। लेकिन संत पौलुस आज रोमियों को पत्र में कहते हैं, 'किसने प्रभु को कुछ दिया है कि उसे चुकाया जाए?' यह हमारे लिए एक बड़ी राहत की बात है। हमें कुछ भी 'चुकाने' की जरूरत नहीं है। बेन ने हमें सिखाया कि प्रेम करना ही काफी है। याद है, जब उसने अपने चाचा विलियम की मदद के लिए अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश की थी? उसने उसे तोड़ा नहीं, उसने उसे खाली नहीं किया, उसने बस अपना सब कुछ देने का प्रस्ताव रखा। वह प्रस्ताव ही उसका उपहार था। वह प्रेम का एक शुद्ध, निस्वार्थ बीज था। ईश्वर उस बीज को देखते हैं। ईश्वर उस कोमल हृदय को देखते हैं।
मैं जानता हूँ कि कभी-कभी रात के सन्नाटे में, माता-पिता के मन में यह सवाल आता है: 'क्या मैंने कुछ छोड़ दिया? क्या मैं कुछ और कर सकता था?' एलन और थाओ, आज मैं आपसे वही कहता हूँ जो यीशु ने उस अंधे व्यक्ति के बारे में कहा था: 'न तो इसने पाप किया, न इसके माता-पिता ने।' यह बीमारी, यह वियोग, यह किसी की गलती नहीं है। यह जीवन का वह रहस्य है जिसे हम अभी नहीं समझ सकते। ईश्वर आपको दोषी नहीं ठहराते। ईश्वर आपको दोषमुक्त करते हैं। आप पर कोई बोझ नहीं है। आप बस प्यार करने वाले माता-पिता थे, और हैं।
बेन का जीवन एक 'वेल ऑफ लव' (Giếng Gioan Baotixita) की तरह है। जैसे वह कुआँ वियतनाम के लोगों को जीवन का जल दे रहा है, वैसे ही बेन का जीवन आज भी हमें जीवन दे रहा है। वह हमें याद दिलाता है कि हँसना, जिज्ञासा रखना, और दूसरों का ख्याल रखना ही ईश्वर की सेवा है। रयान, तुम अपने भाई के सबसे करीब थे। तुम उसके साथ हँसे, तुम उसके साथ खेले। वह मुस्कान जो तुमने उसके चेहरे पर देखी, वह स्वर्ग की झलक थी। उसे अपने साथ लेकर आगे बढ़ो। बेन चाहता है कि तुम जीयो, तुम हँसो, तुम ऊंचाइयों को छुओ।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँगे, तो एक छोटा सा काम करना। जब आप किसी हवाई जहाज को आसमान में उड़ते हुए देखें, या जब आप पानी का एक घूँट पिएं, तो एक पल रुकना। ऊपर देखना और मुस्कुराना। कहना, 'प्रभु, बेन आपके पास है, और वह सुरक्षित है।' यह विश्वास ही वह चट्टान है जिस पर यीशु अपनी कलीसिया बनाते हैं। यह विश्वास ही है जो हमें इस दुख के समुद्र के पार ले जाता है।
बेन अब उस 'कॉन चिम एयरलाइन्स' से कहीं ऊपर, ईश्वर की अनंत शांति में है। वह हमें देख रहा है। वह हमें बुला रहा है। वह हमें बता रहा है कि प्रेम कभी समाप्त नहीं होता। वह प्रेम जो उसने आप सबको दिया, वह अमर है।
प्रभु, आज इन सभी परिवारों को अपनी गोद में ले लें। उन्हें वह शांति दें जो समझ से परे है। और बेंजामिन को, उस प्यारे बालक को, अपनी अनंत ज्योति में सदा के लिए विश्राम दें। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीर्वाद दे और आपकी रक्षा करे, और आप पर अपनी करुणा बरसाए। पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।