पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। प्रभु यीशु मसीह की कृपा, ईश्वर का प्रेम और पवित्र आत्मा की संगति आप सभी के साथ हो।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे ख्रीस्त, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
कल्पना कीजिए उस दोपहर की जब धूप तीखी होती है और रास्ते की धूल पैरों पर जम जाती है। हम सब किसी न किसी रास्ते पर चल रहे हैं, और साथ में हमारे पास कुछ छोटे-छोटे सामान हैं—कुछ उम्मीदें, कुछ डर, और कभी-कभी वह भारी सा थैला जिसे हम खुद ही अपने कंधों पर लाद लेते हैं। दुनिया हमें सिखाती है कि खड़े रहो, अपनी पीठ सीधी रखो, साबित करो कि तुम किसी से कम नहीं हो। हम खुद को बड़ा दिखाने के लिए, अपनी बुद्धिमत्ता या अपनी सफलताओं के पुल बांधने लगते हैं। और ठीक उसी भीड़ के बीच, संत पौलुस आज कुरिन्थियों के नाम अपने पत्र में एक बहुत ही सरल, लेकिन सीधा सवाल पूछते हैं: 'तुम्हारे पास जो कुछ है, वह तुम्हें किसने दिया है? और यदि तुम्हें मिला है, तो इस तरह क्यों घमंड करते हो मानो तुम्हें न मिला हो?' यह सवाल किसी परीक्षा का प्रश्न नहीं है; यह एक आईना है जो हमारे सामने तब आकर खड़ा हो जाता है जब हम अपनी ही बनाई हुई दुनिया में थक जाते हैं।
आज १३ अगस्त है। हमारे प्यारे बेंजामिन वो (Benjamin Vo) को इस संसार से विदा हुए और प्रभु के घर गए हुए दो महीने पूरे हो चुके हैं। एलन, थाओ, और रयान, इन साठ दिनों में आपने वह सन्नाटा देखा है जो शब्दों से परे है। घर का वह कोना जहाँ बेन का लैपटॉप रखा रहता था, वह शांत स्क्रीन, और वह खाली कुर्सी—ये सब उस बात की गवाही देते हैं कि जीवन में कुछ ऐसी रिक्तताएँ आ जाती हैं जिन्हें कोई दूसरा शोर नहीं भर सकता। जब हम बेंजामिन के जीवन को देखते हैं, तो हमें एक ऐसा बालक दिखाई देता है जिसके पास दुनिया की नजर में एक असाधारण दिमाग था। केवल पंद्रह वर्ष की आयु में, वह क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई (AI) के जटिल तर्कों को ऐसे समझता था जैसे कोई पक्षी हवा की दिशा को समझता है। चौथी कक्षा में आठवीं की गणित को हल कर लेना, अपने पिता के साथ बैठकर 'कॉन चिम एयरलाइन्स' (Con Chim Airlines) के अपने सपनों की बातें करना और उस काल्पनिक एयरलाइन के नाम पर खिलखिलाकर हँसना—यह सब उसकी उस अद्भुत जिज्ञासा का प्रमाण था। लेकिन बेन की असली पहचान उसकी बुद्धिमत्ता नहीं थी; उसकी असली पहचान उसका वह कोमल हृदय था, जो बिना किसी दिखावे के बस प्रेम करना जानता था।
याद कीजिए उस पल को जब पंद्रह वर्ष के बेन ने अपनी माँ और पिता से अनपेक्षित रूप से कहा था कि वह अपनी पूरी गुल्लक अपने चाचा विलियम की बीमारी के समय मदद के लिए सौंपने को तैयार है। उसने वह गुल्लक तोड़ी नहीं, न ही उसमें से सिक्के निकाले—क्योंकि उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी, उसके चाचा के पास बीमा था—लेकिन वह 'प्रस्ताव' ही उसके शुद्ध हृदय का सबसे बड़ा सच था। एक ऐसा बालक, जो बिना किसी झिझक के अपनी पूरी दुनिया, अपनी छोटी सी जमा-पूंजी भी अपनों के लिए रख देने को तैयार था। और आज, जब हम का माऊ (Cà Mau) में उसके नाम पर बने उस मीठे पानी के कुएं—'गिएंग गिओआन बाओतिक्सिता' (Giếng Gioan Baotixita)—को देखते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे बेन का वह प्रेम आज भी उस धरती पर प्यासों को पानी पिला रहा है। उसका मध्य नाम 'दाइ दुआंग' (Đại Dương) यानी 'महान महासागर' था, और सचमुच, उसका प्रेम एक महासागर की तरह शांत और गहरा है जो कभी थमता नहीं।
लेकिन एलन और थाओ, जब रात बहुत गहरी हो जाती है, जब घर की घड़ियाँ टिक-टिक करती हैं और नींद आँखों से कोसों दूर होती है, तो क्या मन के किसी कोने में वह भारी पत्थर आकर नहीं बैठ जाता? वह आत्म-दोष (guilt), वह अनकहा सवाल—'क्या हमने कोई संकेत छोड़ दिया? क्या हम कुछ और कर सकते थे?' यह पत्थर बहुत भारी है। इसे अपने हृदय पर और अधिक देर तक मत ढोइए।
आज के सुसमाचार में, हम यीशु को अनाज के खेतों से गुजरते हुए देखते हैं। शब्बत के दिन उनके शिष्य दाने तोड़कर खा रहे हैं, और फरीसी तुरंत उंगली उठाने के लिए तैयार खड़े हैं। वे नियम की किताब लेकर खड़े हैं और कह रहे हैं, 'यह गलत है।' वे हर चीज़ को तौलना चाहते हैं, हर गलती को गिनना चाहते हैं। लेकिन यीशु उनके बीच खड़े होकर एक ऐसा द्वार खोलते हैं जहाँ नियम से बड़ा प्रेम है, जहाँ न्याय से बड़ी करुणा है। यीशु कहते हैं, 'मानव पुत्र शब्बत का भी स्वामी है।'
यीशु आज आपके उस घर में, आपके उस सन्नाटे के बीच खड़े होकर आपसे यही कह रहे हैं। बेंजामिन की बीमारी, उसका कम उम्र में चले जाना—यह किसी की गलती नहीं थी। यह ईश्वर का कोई दंड नहीं था। यह आपकी किसी चूक, किसी कमी या किसी लापरवाही का परिणाम नहीं था। आपने बेन को दुनिया का हर सुख दिया, उसे लूर्देस और वेटिकन की यात्राएं कराईं, और सबसे बढ़कर, उसे वह आत्मीय प्रेम दिया जो किसी भी महल से बड़ा था। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। उस अपराधबोध को अपने दिल से जाने दीजिए। बेन का जीवन अधूरा नहीं था; ईश्वर की दृष्टि में वह एक पूर्ण जीवन था।
रयान, मेरे प्यारे बेटे, तुम अपने भाई के सबसे अच्छे दोस्त थे। तुम दोनों ने वेनिस की नहरों में, जापान के रास्तों पर, और क्रिसमस की जगमगाती रोशनी के बीच जो खूबसूरत पल बिताए हैं, वे कभी नष्ट नहीं हो सकते। बेन का वह विश्वास कि 'कोशिश करना ही सब कुछ है' (trying is all that matters)—यह अब तुम्हारे भीतर जीवित है। जब तुम मुस्कुराते हो, जब तुम अपने जीवन में आगे बढ़ते हो, तो तुम बेन की उस रोशनी को इस दुनिया में जीवित रखते हो।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी एक छोटी सी मुस्कान की ज़रूरत है। बेन की उस खिलखिलाती हुई हँसी को याद करें और अपने घर में, अपने जीवन में उस शांति को वापस आने दें। बेन अब उस अनंत आकाश में उड़ान भर रहा है, ठीक वैसे ही जैसे वह अपनी 'कॉन चिम एयरलाइन्स' के विमानों को देखते हुए मुस्कुराता था। वह सुरक्षित है, वह शांत है, और वह आपसे कह रहा है: 'बा ओई, माँ, रयान, मैं ठीक हूँ। मैं यहाँ से आप सबको देख रहा हूँ।' ईश्वर का यह प्रेम आपके हर घाव को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
सर्वशक्तिमान ईश्वर—पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा—आपको आशीर्वाद दें और अपनी शांति से हमेशा के लिए भर दें। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।