आज का वचन

संत बरथोलोमी, प्रेरित का पर्व

Monday, August 24, 2026 · in memory of Ben
एक भक्ति जो मिस्सा के बाद होती है - उसका विकल्प नहीं।
प्रारंभिक प्रार्थना

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। प्रभु हमारे इस दुःख और प्रार्थना की घड़ी में आपके साथ हों। आज हम प्रेरित संत बरथोलोमी के पर्व पर ईश्वर के वचन को सुनने और उनके असीम प्रेम को महसूस करने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं।

पाप-स्वीकार

हे प्रभु, आप हमारे टूटे हुए हृदयों को देखते हैं। प्रभु, दया कर। हे ख्रीस्त, आप हमारी अनकही वेदना को जानते हैं। ख्रीस्त, दया कर। हे प्रभु, आप हमें अपनी शांति से भर देते हैं। प्रभु, दया कर।

♪ “Hindi Kyrie (Majestic Version)” — A song for Ben
ईश्वर का वचन
पहला पाठ · Revelation 21:9b-14
स्वर्गदूत ने मुझसे कहा, "यहाँ आओ। मैं तुम्हें वह दुल्हन, मेमने की पत्नी दिखाऊँगा।" वह मुझे आत्मा में एक महान और ऊँचे पर्वत पर ले गया और मुझे पवित्र नगर यरूशलेम दिखाया जो ईश्वर के पास से स्वर्ग से उतर रहा था। वह ईश्वर की महिमा से चमक रहा था। उसकी कांति एक अत्यंत बहुमूल्य रत्न के समान थी, जैसे बिल्लौर के समान स्वच्छ सूर्यकांत मणि। उसकी एक विशाल और ऊँची चारदीवारी थी, जिसमें बारह फाटक थे और फाटकों पर बारह स्वर्गदूत तैनात थे और उन पर नाम लिखे थे, जो इस्राएल के पुत्रों के बारह गोत्रों के नाम थे। पूर्व की ओर तीन फाटक थे, उत्तर की ओर तीन, दक्षिण की ओर तीन, और पश्चिम की ओर तीन। नगर की चारदीवारी की नींव में बारह पत्थर थे, जिन पर मेमने के बारह प्रेरितों के बारह नाम लिखे थे।
अनुवाक्य भजन · Psalm 145:10-11, 12-13, 17-18
R. (12) हे प्रभु, आपके मित्र आपके राज्य की महिमामयी भव्यता को प्रकट करते हैं। हे प्रभु, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करे, और तेरे भक्त तुझे धन्य कहें। वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करें और तेरी सामर्थ्य का बखान करें। R. हे प्रभु, आपके मित्र आपके राज्य की महिमामयी भव्यता को प्रकट करते हैं。 वे मनुष्यों पर तेरी सामर्थ्य और तेरे राज्य का भव्य वैभव प्रकट करें। तेरा राज्य युग-युगांतर का राज्य है, और तेरा आधिपत्य पीढ़ी-दर-पीढ़ी बना रहता है। R. हे प्रभु, आपके मित्र आपके राज्य की महिमामयी भव्यता को प्रकट करते हैं。 प्रभु अपने सभी मार्गों में न्यायप्रिय है और अपने सभी कार्यों में पवित्र है। प्रभु उन सबों के निकट रहता है जो उसे पुकारते हैं, उन सबों के जो सच्चाई से उसे पुकारते हैं। R. हे प्रभु, आपके मित्र आपके राज्य की महिमामयी भव्यता को प्रकट करते हैं।
सुसमाचार · John 1:45-51
फ़िलिप ने नथानेल से मिलकर कहा, "जिसके विषय में मूसा ने संहिता में और नबियों ने भी लिखा है, वह हमें मिल गया है—यूसुफ़ का पुत्र, नाज़रेत का येसु।" परंतु नथानेल ने उससे कहा, "क्या नाज़रेत से भी कोई अच्छी चीज़ निकल सकती है?" फ़िलिप ने उससे कहा, "आकर देख लो।" येसु ने नथानेल को अपनी ओर आते देखा और उसके विषय में कहा, "देखो, यह एक सच्चा इस्राएली है। इसमें कोई कपट नहीं है।" नथानेल ने उनसे कहा, "आप मुझे कैसे जानते हैं?" येसु ने उत्तर देकर उससे कहा, "फ़िलिप के बुलाने से पहले, जब तुम अंजीर के पेड़ के नीचे थे, मैंने तुम्हें देखा था।" नथानेल ने उन्हें उत्तर दिया, "रब्बी, आप ईश्वर के पुत्र हैं; आप इस्राएल के राजा हैं।" येसु ने उत्तर देकर उससे कहा, "क्या तुम इसलिए विश्वास करते हो कि मैंने तुमसे कहा कि मैंने तुम्हें अंजीर के पेड़ के नीचे देखा था? तुम इससे भी बड़े-बड़े चमत्कार देखोगे।" और उसने उससे कहा, "आमीन, आमीन, मैं तुम से कहता हूँ, तुम स्वर्ग को खुला हुआ और ईश्वर के दूतों को मानव पुत्र के ऊपर चढ़ते और उतरते देखोगे।"
हे प्रभु, आपके मित्र आपके राज्य की महिमामयी भव्यता को प्रकट करते हैं।
प्रवचन

कल्पना कीजिए एक तपती हुई दोपहर की… धूल भरी राहें, सूरज की तेज़ किरणें, और चारों ओर फैला हुआ कोलाहल। ऐसे में एक व्यक्ति भागदौड़ से दूर, एक घने और ठंडे अंजीर के पेड़ की छाँह में जाकर बैठ जाता है। वह वहाँ किसी से बात करने नहीं, बल्कि अपने ही विचारों में खो जाने के लिए गया है। वह सोचता है कि इस घनी छाँह में, पत्तों की ओट में, उसे कोई नहीं देख रहा है। वह वहाँ अकेला है, अपने प्रश्नों के साथ, अपनी खोज के साथ, और शायद अपने अनकहे दर्द के साथ।

यह व्यक्ति नथानेल है, जिसे हम संत बरथोलोमी के नाम से भी जानते हैं।

आज का सुसमाचार हमें इसी अंजीर के पेड़ के नीचे ले जाता है। यह एक बहुत ही साधारण, बहुत ही मानवीय दृश्य है। हम सब के जीवन में एक ऐसा 'अंजीर का पेड़' होता है। वह पेड़ कोई वास्तविक पेड़ नहीं, बल्कि हमारे हृदय का वह गुप्त कोना है जहाँ हम तब जाते हैं जब हम थक जाते हैं। जब हम टूट जाते हैं। जब हम दुनिया के सामने मुस्कुराते तो हैं, लेकिन अकेले में अपने आँसू बहाते हैं। वह कोना जहाँ हम अपने उन सवालों को लेकर बैठते हैं जिनका कोई जवाब हमें नहीं मिलता। हम सोचते हैं कि उस अंधेरे में, उस सन्नाटे में, हम पूरी तरह अकेले हैं…

लेकिन आज का सुसमाचार हमारे इस भ्रम को तोड़ता है। यीशु नथानेल से कहते हैं: "फ़िलिप के बुलाने से पहले, जब तुम अंजीर के पेड़ के नीचे थे, मैंने तुम्हें देखा था।"

"मैंने तुम्हें देखा था।"

ये शब्द केवल नथानेल के लिए नहीं थे। ये शब्द आज इस वेदी से गूंजते हुए सीधे आपके हृदयों तक पहुँच रहे हैं। यह इस पूरे सुसमाचार का, और आज की हमारी इस प्रार्थना का सबसे गहरा सच है। यीशु हमें तब भी देखते हैं जब हम सोचते हैं कि हम पूरी तरह से अदृश्य और अकेले हैं।

आज, २४ अगस्त है। हमारे प्यारे बेंजामिन वो (Benjamin Vo) को ईश्वर के घर गए लगभग दो महीने बीत चुके हैं। १३ जून, २०२६ की वह तारीख… और आज का दिन। दो महीने का यह समय कोई छोटा समय नहीं होता। जब कोई हादसा होता है, तो शुरू में लोगों की भीड़ होती है, सांत्वना के शब्द होते हैं, चारों ओर हलचल होती है। लेकिन दो महीने बाद, दुनिया अपनी गति से आगे बढ़ने लगती है। लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त हो जाते हैं।

परंतु माता-पिता के लिए, परिवार के लिए, वह खालीपन और भी गहरा, और भी भारी हो जाता है।

एलन और थाओ, मैं जानता हूँ कि इन दो महीनों में वह खाली कुर्सी कितनी बड़ी दिखाई देती है। रयान, मैं जानता हूँ कि अपने बड़े भाई के बिना हर सुबह उठना कितना कठिन होता है। वह सन्नाटा जो घर में पसर गया है, वह किसी शोर से भी अधिक ज़ोर से चिल्लाता है। दुःख का यह समय वह 'अंजीर का पेड़' है जिसके नीचे आप आज बैठे हैं। आप सोच रहे होंगे कि इस असहनीय दर्द के सन्नाटे में क्या कोई आपकी पुकार सुन रहा है? क्या ईश्वर को आपके इस खालीपन का अहसास है?

आज यीशु आपके इस अंजीर के पेड़ के नीचे आते हैं। वे आपके बगल में बैठते हैं। वे आपके आँसुओं को अनदेखा नहीं करते। वे यह नहीं कहते कि 'रोओ मत' या 'सब ठीक हो जाएगा।' वे सांत्वना देने से पहले आपके इस सच को स्वीकार करते हैं कि विरह का यह जख्म बहुत गहरा है। वे आपके टूटे हुए दिल को छूते हैं और धीरे से कहते हैं: "मैंने तुम्हें देखा था। जब तुम रात के अंधेरे में रो रहे थे, जब तुम बेन की पुरानी तस्वीरों को देखकर तड़प रहे थे, जब तुम बिना कुछ बोले बस शून्य में ताक रहे थे… मैंने तुम्हें देखा था।"

यीशु की यह दृष्टि कोई दूर की दृष्टि नहीं है। यह एक प्रेमी पिता की दृष्टि है जो अपने बच्चे के हर एक घाव को जानता है।

जब यीशु ने नथानेल को आते देखा, तो उन्होंने उसके बारे में एक अद्भुत बात कही: "देखो, यह एक सच्चा इस्राएली है; इसमें कोई कपट नहीं है।" कपट-रहित होना, निष्कपट होना, पारदर्शी होना—यह एक ऐसा गुण है जो आज की दुनिया में बहुत दुर्लभ है। इसका अर्थ है एक ऐसा हृदय जो पूरी तरह से शुद्ध है, जिसमें कोई दिखावा नहीं है, कोई छल नहीं है।

और जब हम बेंजामिन के पंद्रह वर्षों के सुंदर जीवन को देखते हैं, तो हमें ठीक यही निष्कपटता, यही शुद्धता दिखाई देती है। बेन एक ऐसा बालक था जिसके भीतर कोई कपट नहीं था। वह एक असाधारण कुशाग्र बुद्धि (brilliant mind) का धनी था। गणित और तकनीक की दुनिया में उसकी पकड़ इतनी कम उम्र में भी विस्मयकारी थी। वह क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई जैसी जटिल चीज़ों को इतनी सहजता से समझता था जैसे वे कोई बच्चों का खेल हों। लेकिन उसकी असली महानता उसकी बुद्धि में नहीं, बल्कि उसके इस कपट-रहित, अत्यंत कोमल और संवेदनशील हृदय में थी।

उसका हृदय इतना शुद्ध था कि वह दूसरों के दर्द को अपना दर्द बना लेता था। याद कीजिए, जब वह केवल पंद्रह वर्ष का था, उसने अपने माता-पिता से एक ऐसी बात कही जो बड़े-बड़े लोग भी सोचने से पहले हिचकिचाएंगे। जब उसके चाचा विलियम को दो बार स्ट्रोक आया और वे पीड़ित थे, तो इस प्यारे बालक ने बिना किसी के कहे, अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश कर दी। उसने अपनी उस छोटी सी बचत को, जिसे उसने अपनी खुशियों के लिए जमा किया था, अपने चाचा के इलाज के लिए पूरी तरह से समर्पित करने का प्रस्ताव रखा।

उसने उस गुल्लक को तोड़ा नहीं, उसे खाली नहीं किया, क्योंकि उसकी ज़रूरत नहीं पड़ी—उसके चाचा के पास बीमा था। लेकिन उस गुल्लक का न टूटना इस बात को कम नहीं करता कि उस बालक के मन में क्या था। वह केवल एक प्रस्ताव नहीं था; वह उसके निष्कपट हृदय का एक जीवंत प्रमाण था। वह एक ऐसा लड़का था जो अपनी पूरी दुनिया, अपना सब कुछ दूसरों की भलाई के लिए सौंपने को तैयार था। उसमें कोई कपट नहीं था। वह जो सोचता था, वही करता था। उसका प्रेम शब्दों में नहीं, बल्कि उसके इस अत्यंत सुंदर और निस्वार्थ भाव में प्रकट होता था।

यीशु ने बेन को भी उस अंजीर के पेड़ के नीचे देखा था—उसकी मासूमियत में, उसकी जिज्ञासा में, उसके उस निस्वार्थ प्रेम में। और यीशु ने कहा, "देखो, यह मेरा एक प्यारा बच्चा है, जिसमें कोई कपट नहीं है।"

लेकिन आज, जब हम इस सुंदर याद को संजोते हैं, तो हमें उस अनकहे बोझ को भी संबोधित करना होगा जो अक्सर ऐसे समय में माता-पिता के हृदयों को दबा देता है।

जब कोई परिवार इतनी कम उम्र में अपने बच्चे को खो देता है, तो दो महीने के इस सन्नाटे में, मन के किसी गहरे कोने में एक बहुत ही ज़हरीला विचार आकार लेने लगता है। माता-पिता रात को जागकर खुद से सवाल करने लगते हैं: 'क्या हमसे कोई चूक हो गई? क्या हम कुछ और कर सकते थे? क्या हमने कोई संकेत समय पर नहीं देखा? क्या ईश्वर हमसे किसी बात पर नाराज़ थे?' यह आत्म-दोष, यह गिल्ट (guilt) एक ऐसा भारी पत्थर है जिसे एलन और थाओ, आप शायद अपने सीने पर रखकर घूम रहे हैं।

आज, प्रभु के इस पवित्र मंदिर में, मैं उस भारी पत्थर को आपके हृदय से हमेशा के लिए हटाना चाहता हूँ।

याद कीजिए जब यीशु के सामने एक जन्म के अंधे मनुष्य को लाया गया था, तो लोगों ने पूछा था: "हे रब्बी, किसने पाप किया था कि यह अंधा पैदा हुआ? इसने या इसके माता-पिता ने?" यीशु ने बहुत स्पष्ट और कड़े शब्दों में उत्तर दिया था: "न तो इसने पाप किया था और न इसके माता-पिता ने।"

बीमारी, दुःख, या असमय मृत्यु कभी भी ईश्वर का दंड नहीं होती। यह किसी की गलती नहीं है। यह एलन की गलती नहीं है, यह थाओ की गलती नहीं है। आपने बेंजामिन को जो प्रेम दिया, वह संपूर्ण था। आपने उसे एक ऐसा जीवन दिया जो खुशियों से, यात्राओं से, और असीम दुलार से भरा हुआ था। आपने उसे दुनिया के सबसे पवित्र स्थानों—लूर्देस और वेटिकन की सीढ़ियों तक पहुँचाया। आपने उसके साथ हर उस सपने को जिया जो एक बच्चा देख सकता है।

इसलिए, अपने मन से इस आत्म-दोष को पूरी तरह से निकाल दीजिए। ईश्वर आप पर कोई आरोप नहीं लगाते। वे आपको दोषी नहीं ठहराते; वे तो आपको अपने आलिंगन में समेटना चाहते हैं। आप पूरी तरह से निर्दोष हैं। दुःख को महसूस कीजिए, रोइए, लेकिन इस झूठे अपराधबोध के बोझ को अपने ऊपर हावी मत होने दीजिए।

आज का पहला पाठ हमें एक और अद्भुत दर्शन की ओर ले जाता है। प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में, यूहन्ना एक महान और ऊँचे पर्वत पर ले जाए जाते हैं, जहाँ वे पवित्र नगर यरूशलेम को स्वर्ग से उतरते हुए देखते हैं। वह नगर ईश्वर की महिमा से चमक रहा है। उसकी कांति स्फटिक के समान स्वच्छ और सूर्य की किरणों के समान दीप्तिमान है। उस नगर की नींव पर बारह प्रेरितों के नाम लिखे हैं।

यह दर्शन हमें बताता है कि मृत्यु हमारे जीवन का अंत नहीं है। यह केवल एक द्वार है उस भव्य, देदीप्यमान नगर में प्रवेश करने का। बेंजामिन अब उस बीमार और कमज़ोर शरीर की सीमाओं से मुक्त हो चुका है। वह अब उस पवित्र यरूशलेम में है, जहाँ कोई दर्द नहीं है, कोई सुई नहीं है, कोई अस्पताल नहीं है। वह वहाँ पूरी तरह से स्वस्थ है, मुस्कुरा रहा है।

वह अब अकेले नहीं है। वह संत कार्लो अकुतिस और स्वर्ग के सभी दूतों के साथ उस अनंत भोज का आनंद ले रहा है। वह अब उस 'ग्रेट ओशन' (Đại Dương) की तरह असीम शांति में विलीन हो चुका है, जहाँ ईश्वर का प्रेम बहता है।

लेकिन वह आपको भूल नहीं गया है। जैसे नथानेल ने यीशु को पहचान लिया और कहा, "रब्बी, आप ईश्वर के पुत्र हैं," वैसे ही बेन अब ईश्वर की उपस्थिति में बैठकर आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। उसने अपने पिताजी से सपने में कहा था: "चिंता मत करो, मैं माता-पिता का ख्याल रखूँगा।" वह सचमुच आपकी देखरेख कर रहा है।

प्यारे रयान, मैं आज विशेष रूप से तुमसे कहना चाहता हूँ। तुम अपने भाई के सबसे अच्छे दोस्त थे। तुमने उसके साथ दुनिया देखी, उसके साथ हँसे, उसके साथ खेला। आज बेन तुमसे चाहता है कि तुम पूरे साहस के साथ जियो। तुम्हें आगे बढ़ना है, पढ़ना है, खेलना है, और अपने माता-पिता का सहारा बनना है। जब तुम मुस्कुराओगे, तो बेन की मुस्कान तुम्हारे चेहरे पर दिखाई देगी। तुम्हें अपने भाई के जीवन के उस प्रकाश को आगे लेकर जाना है।

और हम उन सभी परिवारों के लिए भी प्रार्थना करते हैं जो आज दूर-दराज से इस सेवा में जुड़े हैं। विशेषकर वे माता-पिता जो अपने बच्चों की बीमारी के कारण अस्पतालों में रातें गुज़ार रहे हैं, जो किसी भी भारी क्रूस को ढो रहे हैं। आप अकेले नहीं हैं। कलीसिया आज आपको अपनी प्रार्थनाओं की बाहों में समेटती है।

आज जब आप इस पवित्र स्थान से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा, व्यावहारिक संकल्प लेकर जाएँ।

जब भी आप जीवन की भागदौड़ में थक जाएँ, या जब भी दुःख का बादल आपके मन को घेर ले, तो किसी पेड़ की छाँह में एक पल के लिए रुकिए। पत्तों के बीच से छनकर आती हुई धूप को देखिए। और अपने मन में यीशु के इन शब्दों को दोहराइए:

"मैंने तुम्हें देखा था।"

विश्वास रखिए कि आप अकेले नहीं हैं। ईश्वर की दयालु आँखें आप पर टिकी हैं। बेंजामिन का प्रेम आपके साथ है। और वह दिन दूर नहीं, जब हम सब उस भव्य, स्फटिक जैसे चमकते हुए स्वर्गीय नगर में एक साथ मिलेंगे, जहाँ कोई विरह नहीं होगा, केवल अनंत आनंद होगा।

प्रभु यीशु मसीह, जो हमारे हर एक आँसू को जानते हैं, हमारे हृदयों को अपनी शांति से भर दें। आमीन।

मनन
♪ “Teri Baahon Mein (Vocal/Piano/Strings)” — A song for Ben
विश्वासिओं की प्रार्थनाएँ

For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:

“कृपया William के लिए प्रार्थना करें। कृपया उसकी माँ को उसकी इतनी याद आने के दुख से उबरने में मदद करें।” — Dianna Maria
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“Hey Ben, Ryan तुम्हें बहुत याद करता है और काश तुम यहाँ उसके साथ गेम खेलने के लिए होते। कृपया अपनी आत्मा से उस पर नज़र रखना और ज़िंदगी में उसका मार्गदर्शन करना। उसे मज़बूत रहने और ईश्वर पर अपना विश्वास बनाए रखने में मदद करना। कृपया घर आना और Hi कहना।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“कृपया Debora के लिए प्रार्थना करना, वह दो हफ़्ते पहले अपने पति Steve को छोड़कर चली गई है। उसका पति बहुत गहरे दर्द में है और सो भी नहीं पा रहा है।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“Ben, कृपया Maria Nguyen Thi Thu Hang के लिए प्रार्थना करना—उनकी आत्मा को शांति मिले। उनके पति, anh Vinh, उन्हें बहुत याद करते हैं और अपने सपनों में उन्हें देखना चाहते हैं। कृपया उनके लिए भी प्रार्थना करना ताकि उन्हें हिम्मत मिले और वे अपने तीनों बेटों की देखभाल करते रह सकें।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“सुनो Benjamin, यहाँ Dad हैं। कृपया इस दुख में हमारे परिवार का सहारा बनना। कृपया हमारी रक्षा करना। अस्पताल में इस समय दर्द से जूझ रहे सभी बच्चों की मदद करना। उन्हें सुकून पाने में मदद करना। उन सभी टूटे दिलों को जोड़ने में मदद करना जिनका दर्द माता-पिता को सहना पड़ता है। तुम्हारी माँ और मैं इस समय जिससे गुज़र रहे हैं, वह बेहद दर्दनाक है। हमारे परिवार पर अपनी नज़र बनाए रखना। हमें आगे बढ़ते रहने की शक्ति देना और हम तुझे हमेशा अपने दिल में बसाए रखेंगे।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“Ben, मुझे हाई स्कूल पूरा पार करना है, मतलब पूरे साल, और मुझे Grace में litany’s domain को हराना है। शायद तू lax पर 777x के पहले आगमन और overture की पहली उड़ान को देखने के लिए शारीरिक रूप से मौजूद न हो, लेकिन तू आसमान में और भी ऊँचा उड़ना।” — Ryan Vo
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“Ben - मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है। तुम्हारा जब भी मन चाहे, आकर हमसे मिलते रहना। मेरे बेटे, इतने दर्द के बिना आगे बढ़ने में हमारी मदद करना। कृपया हमारे लिए प्रार्थना करना।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“हे प्रभु, कृपया मेरे छोटे भाई की आत्मा को अपने पास स्वीकार करें। उसे क्षमा करें और स्वर्ग के राज्य में शांति प्रदान करें। मेरे परिवार को शांति दें और मुझे इससे उबरने की शक्ति प्रदान करें। मैं उसे आपके हाथों में सौंपता हूँ।” — Anh huy
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।

🕯 प्रार्थना दीवार पर अपनी प्रार्थना रोशन करें →

प्रभु की प्रार्थना

मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:

हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।

आध्यात्मिक परमप्रसाद
हे मेरे येसु, मैं विश्वास करता हूँ कि आप परमपवित्र संस्कार में सचमुच उपस्थित हैं। मैं सब चीज़ों से बढ़कर आपसे प्रेम करता हूँ और अपनी आत्मा में आपको ग्रहण करने की इच्छा रखता हूँ। चूंकि मैं इस समय आपको संस्कार रूप में ग्रहण नहीं कर सकता, इसलिए कम से कम मेरे हृदय में आध्यात्मिक रूप से आ जाइए। मैं आपको अपने गले लगाता हूँ मानो आप पहले से ही वहाँ आ चुके हैं, और अपने आप को पूरी तरह से आपसे जोड़ लेता हूँ। मुझे कभी भी आपसे अलग न होने दें। आमीन।
कम्युनियन गीत
♪ “Mahan Balidaan (Version A)” — A song for Ben
अंतिम आशीर्वाद

प्रभु आपको आशीष दें और आपकी रक्षा करें। वे अपने मुखमंडल की ज्योति आप पर चमकाएं और आपको अपनी अनंत शांति प्रदान करें। पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन।

✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।

समापन गीत
♪ “Ummeed Ki Jyoti (Version B)” — A song for Ben
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