पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। हमारे प्रभु यीशु मसीह की कृपा, ईश्वर का प्रेम और पवित्र आत्मा का साहचर्य आप सबों को प्राप्त हो। आज के इस पावन अवसर पर, हम प्रभु के चरणों में एकत्र होकर उनके सांत्वनादायक वचन को सुनने और अपने प्रिय बेंजामिन वो (Ben) को अपनी प्रार्थनाओं में याद करने के लिए आमंत्रित हैं।
हे प्रभु, हम अपने टूटे हुए हृदयों के साथ तेरे पास आते हैं; प्रभु, दया कर। हे मसीह, तूने हमारे दुखों को अपने ऊपर ले लिया है; मसीह, दया कर। हे प्रभु, तू हमें अपनी अनंत शांति से भर देता है; प्रभु, दया कर।
कल्पना कीजिए एक ऐसी खिड़की की, जिसके सामने खड़े होकर कोई बाहर की ओर टकटकी लगाए देख रहा है। बाहर आकाश का विशाल विस्तार है, जहाँ बादल तैर रहे हैं और कभी-कभी कोई पक्षी अपनी स्वतंत्र उड़ान भरते हुए ओझल हो जाता है। खिड़की पर खड़े होकर देखना केवल समय बिताना नहीं है; यह एक गहरी प्रतीक्षा है, एक उम्मीद है, और एक ऐसी दुनिया की ओर देखना है जो हमारी पहुँच से थोड़ी दूर है।
आज हम संत मोनिका का स्मृति-दिवस मना रहे हैं। जब हम संत मोनिका के बारे में सोचते हैं, तो हमारे मन में उसी खिड़की की छवि उभरती है। वे वर्षों तक अपने आँसुओं और प्रार्थनाओं के साथ उस खिड़की पर खड़ी रहीं, अपने बेटे अगस्टिन के लौटने की प्रतीक्षा करती रहीं। उनकी आँखें थक गई थीं, उनका दिल भारी था, लेकिन उनकी आत्मा जाग रही थी। वे उस माँ की तरह थीं जो रात के सन्नाटे में भी जागती रहती है, क्योंकि उसका प्यार उसे सोने नहीं देता।
आज के सुसमाचार में, प्रभु यीशु हमसे कहते हैं: “जागते रहो! क्योंकि तुम नहीं जानते कि तुम्हारा प्रभु किस दिन आयेगा।” यह जागते रहना कोई डर या घबराहट की स्थिति नहीं है। यह प्रेम की वह जागृति है जो संत मोनिका के पास थी। यह वह जागृति है जो एक ऐसे बालक के पास थी जो खिड़की के पास बैठकर आसमान में उड़ते हवाई जहाजों को देखता था। हमारे प्यारे बेंजामिन वो (Benjamin Vo) को विमानों और पक्षियों से एक अद्भुत लगाव था। वह जब भी किसी उड़ते हुए विमान को देखता था, उसकी आँखों में एक अनोखी चमक आ जाती थी। वह अपने पिता के साथ बैठकर 'एयरपोर्ट स्पॉटिंग' करता था, घंटों तक उन विशाल लोहे के पक्षियों को बादलों को चीरते हुए देखता था। वह मुस्कुराता था, और अपनी उस मासूम, चुलबुली हँसी के साथ कहता था कि वह एक दिन अपनी खुद की एयरलाइन बनाएगा, जिसका नाम होगा 'कॉन चिम एयरलाइन्स' (Con Chim Airlines)—यानी 'चिड़िया एयरलाइंस'। जब भी वह इस बारे में बात करता था, वह खिलखिलाकर हँस पड़ता था।
आज, उस खिड़की और उस उड़ान की छवि को अपने मन में रखते हुए, आइए हम उस गहरे सच का सामना करें जो हमें यहाँ लेकर आया है।
आज १३ अगस्त है। हमारे प्यारे बेन को ईश्वर के घर गए लगभग दो महीने बीत चुके हैं। १३ जून, २०२६ की वह दोपहर, जब समय जैसे ठहर गया था। एलन, थाओ, और रयान... मैं जानता हूँ कि ये दो महीने आपके जीवन के सबसे कठिन और लंबे महीने रहे हैं। दुःख का यह समय एक ऐसे खाली कमरे की तरह है जहाँ सन्नाटा गूँजता है। वह खाली कुर्सी, वह लैपटॉप जिस पर बेन कोडिंग करता था, वह बैडमिंटन रैकेट जो अब कोने में रखा है... ये सब चीजें उस सच को बयां करती हैं जिसे हम स्वीकार नहीं करना चाहते। जब कोई प्रिय व्यक्ति इतनी कम उम्र में चला जाता है, तो सांत्वना के शब्द अक्सर बहुत छोटे और बेमानी लगने लगते हैं। मैं यहाँ खड़े होकर यह नहीं कहूँगा कि 'चिंता मत करो, सब ठीक हो जाएगा', क्योंकि मैं जानता हूँ कि अभी सब कुछ टूटा हुआ है। मैं उस माँ के दर्द को महसूस कर सकता हूँ जो आज भी रसोई में काम करते हुए अपने बेटे की आहट सुनने की उम्मीद करती है। मैं उस पिता के भारीपन को समझ सकता हूँ जिसने अपनी परछाई, अपने सबसे प्यारे दोस्त को खो दिया है। और रयान, मेरे प्यारे बेटे, मैं तुम्हारे उस अकेलेपन को देख सकता हूँ जो अपने भाई, अपने सबसे अच्छे दोस्त के बिना हर दिन जीना सीख रहा है।
दुःख का यह सच बहुत कड़वा है। इसे छिपाने या इससे भागने की कोई आवश्यकता नहीं है। यीशु भी लाज़रस की कब्र पर रोए थे। वे जानते हैं कि जब दिल टूटता है, तो कैसा महसूस होता है।
लेकिन इसी गहरे सन्नाटे और दर्द के बीच, आज का सुसमाचार हमारे लिए एक प्रकाश की तरह आता है। यीशु कहते हैं, “वह ईमानदार और समझदार सेवक कौन है, जिसे स्वामी ने अपने घर के नौकर-चाकर सौंप दिये हैं, जिससे वह उन्हें समय पर भोजन दे? धन्य है वह सेवक, जिसे उसका स्वामी आने पर ऐसा ही करते पायेगा!”
यह सुसमाचार हमें केवल अंत समय के बारे में नहीं डराता, बल्कि यह हमें यह सिखाता है कि हम अपने वर्तमान को कैसे जिएं। वह समझदार सेवक वह है जो हर पल को प्रेम और कर्तव्य के साथ जीता है। बेंजामिन वो केवल पंद्रह वर्षों के लिए हमारे बीच रहा, लेकिन उसने उन पंद्रह वर्षों को एक 'समझदार सेवक' की तरह जिया। उसका जीवन लंबा नहीं था, लेकिन वह गहरा था। वह एक ऐसा बालक था जो अपनी बुद्धिमत्ता में जितना ऊंचा उड़ता था, अपने स्वभाव में उतना ही विनम्र और कोमल था।
संत पौलुस आज कुरिन्थियों से कहते हैं, “ईश्वर विश्वसनीय है; उसी ने आप लोगों को अपने पुत्र, हमारे प्रभु ईसा मसीह के साथ सहभागी होने के लिए बुलाया है।” ईश्वर की यह विश्वसनीयता ही हमारी एकमात्र चट्टान है। जब हमारी दुनिया हिल जाती है, जब हमारे पैर डगमगाते हैं, तब भी ईश्वर विश्वसनीय रहता है। उसने बेंजामिन को उस अनंत सहभागिता के लिए बुलाया है।
यहाँ मैं एक बहुत ही नाजुक और कोमल बात को छूना चाहता हूँ। अक्सर, जब कोई परिवार इस तरह के गहरे दुःख से गुज़रता है, तो मन के किसी कोने में एक अनकहा, अदृश्य अपराधीबोध (guilt) जन्म ले लेता है। माता-पिता रात के अंधेरे में जागकर सोचते हैं: 'क्या हमने कुछ गलत किया? क्या हमसे कोई संकेत छूट गया? क्या हम उसे बचा सकते थे? क्या ईश्वर हमसे नाराज़ थे?' यह आत्म-दोष एक ऐसा भारी पत्थर है जो दुःख को और भी असहनीय बना देता है।
आज, प्रभु के वचन के अधिकार से, मैं इस पत्थर को आपके दिलों से उठाना चाहता हूँ। जब शिष्यों ने यीशु से पूछा था कि एक मनुष्य क्यों अंधा पैदा हुआ था, 'किसने पाप किया था, इसने या इसके माता-पिता ने?', तो यीशु ने उत्तर दिया था: “न तो इसने पाप किया था और न इसके माता-पिता ने।”
एलन और थाओ, मेरी बात को ध्यान से सुनिए। यह बीमारी, यह वियोग किसी की गलती नहीं है। यह ईश्वर का दंड नहीं है। ईश्वर दुःख नहीं भेजते; वे तो दुःख में हमारे साथ रोते हैं। आपने बेंजामिन को जो प्यार दिया, वह संपूर्ण था। आपने उसे दुनिया दिखाई, उसे वेटिकन और लूर्देस की पवित्र भूमि पर ले गए, आपने उसके साथ 'एयरपोर्ट स्पॉटिंग' की, आपने उसे एक ऐसा परिवार दिया जहाँ वह हर दिन मुस्कुरा सकता था। आपने कुछ भी कम नहीं किया। आप पूरी तरह से निर्दोष हैं। अपने आप को दोष देना बंद कीजिए और उस असीम प्रेम को याद कीजिए जो आपने उसे दिया और जो उसने आपको वापस दिया।
२५ जून की रात को, एलन, आपने एक सपना देखा था। आपने देखा कि बेन बहुत स्वस्थ दिख रहा था, उसने हरे रंग का शॉर्ट्स पहना हुआ था और वह कमरे के बाहर खड़ा था। उसने आपसे कहा, “बा ओई (पिताजी), मैंने हर टेस्ट पास कर लिया है। मैं सामान्य रूप से सांस ले सकता हूँ... मुझे ऐसा क्यों हुआ?” और आपने उसे गले लगा लिया। फिर बेन ने रोते-रोते रुककर कहा, “कोई बात नहीं, मैं माता-पिता का ख्याल रखूँगा।”
यह सपना केवल एक कल्पना नहीं थी। यह बेन का आपको दिया गया एक संदेश था। वह अब उस सांस की तकलीफ से, उस कमज़ोर शरीर की सीमाओं से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। वह अब स्वर्ग के उस भव्य विमान में उड़ रहा है जहाँ कोई तूफान उसे हिला नहीं सकता। वह सचमुच हर टेस्ट पास कर चुका है, क्योंकि उसने प्रेम का सबसे बड़ा टेस्ट पास कर लिया है। वह अब ईश्वर के उस अनंत 'भोज' (Banquet of Heaven) में संत कार्लो अकुतिस के साथ बैठा है, और वह वहाँ से आप पर अपनी नज़रें बनाए हुए है।
रयान, मेरे प्यारे बेटे, मैं तुमसे कहना चाहता हूँ। तुम अपने भाई के सबसे अच्छे दोस्त थे। तुम दोनों ने मिलकर बहुत सारी शरारतें कीं, कोडिंग की, और हँसे। बेन की वह वैज्ञानिक जिज्ञासा, उसका वह जज्बा कि 'कोशिश करना ही सब कुछ है', अब तुम्हारे भीतर जीवित है। तुम्हें निराश नहीं होना है। तुम्हें अपने माता-पिता के लिए, और अपने भाई बेन के लिए एक मजबूत स्तंभ बनना है। जब तुम मुस्कुराओगे, तो बेन की मुस्कान दुनिया को दिखाई देगी।
आज जब हम इस पवित्र स्थान से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लेकर जाएँ।
जब भी आप आसमान में किसी पक्षी को उड़ते हुए देखें, या किसी विमान को बादलों के पार जाते हुए देखें, तो उदास मत होइए। उस खिड़की की ओर देखिए और मुस्कुराइए। याद कीजिए बेन की उस 'कॉन चिम एयरलाइन्स' को। याद कीजिए कि हमारा बेंजामिन अब उस अनंत नीले आसमान में, ईश्वर की गोद में सुरक्षित उड़ रहा है। वह अब हमारे लिए एक मध्यस्थ बन गया है।
संत मोनिका ने अपनी प्रार्थनाओं से अपने बेटे को ईश्वर के पास पहुँचाया था। आज, बेंजामिन अपनी प्रार्थनाओं से आप सबको उस स्वर्गीय शांति की ओर खींच रहा है।
ईश्वर, जो विश्वसनीय हैं, आपको वह शांति दें जो हर समझ से परे है। बेंजामिन अब प्रभु के विश्राम में है, और उसका प्रेम हमारे बीच सदा बहता रहेगा, जैसे वियतनाम के का माऊ (Cà Mau) में उसके नाम का वह कुआँ (Giếng Gioan Baotixita) आज भी प्यासों को जीवन का जल दे रहा है।
आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आप लोगों के साथ हो। सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा, आप सबों को अपनी शांति, सांत्वना और आशीष प्रदान करे। हम यहाँ से प्रभु के प्रेम और बेंजामिन की सुंदर यादों के साथ जाएँ। ईसा मसीह की जय।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।