आज का वचन

संत बर्नार्ड, धर्माध्यक्ष और कलीसिया के धर्मडॉक्टर का स्मारक दिवस

Thursday, August 20, 2026 · in memory of Ben
एक भक्ति जो मिस्सा के बाद होती है - उसका विकल्प नहीं।
Opening

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। हमारे प्रभु यीशु ख्रीस्त की कृपा, ईश्वर का प्रेम और पवित्र आत्मा का साहचर्य आप सबों को प्राप्त हो।

Lord, Have Mercy

हे प्रभु, हम पर दया कर। हे ख्रीस्त, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।

♪ “Hindi Kyrie (Reverent Version)” — A song for Ben
The Word of God
Reading 1 · Ezekiel 36:23-28
Thus says the LORD: I will prove the holiness of my great name,  profaned among the nations,  in whose midst you have profaned it. Thus the nations shall know that I am the LORD, says the Lord GOD, when in their sight I prove my holiness through you. For I will take you away from among the nations, gather you from all the foreign lands, and bring you back to your own land. I will sprinkle clean water upon you to cleanse you from all your impurities, and from all your idols I will cleanse you. I will give you a new heart and place a new spirit within you, taking from your bodies your stony hearts and giving you natural hearts. I will put my spirit within you and make you live by my statutes, careful to observe my decrees. You shall live in the land I gave your ancestors; you shall be my people, and I will be your God.
Responsorial Psalm · Psalm 51:12-13, 14-15, 18-19
♪ “Be merciful O Lord for Ash Wednesday” — Br Michael Herry fms — Marist Music
Gospel · Matthew 22:1-14
Jesus again in reply spoke to the chief priests and the elders of the people in parables saying,  “The Kingdom of heaven may be likened to a king who gave a wedding feast for his son. He dispatched his servants to summon the invited guests to the feast, but they refused to come. A second time he sent other servants, saying, ‘Tell those invited: “Behold, I have prepared my banquet, my calves and fattened cattle are killed, and everything is ready; come to the feast.”’ Some ignored the invitation and went away, one to his farm, another to his business. The rest laid hold of his servants, mistreated them, and killed them. The king was enraged and sent his troops, destroyed those murderers, and burned their city. Then the king said to his servants, ‘The feast is ready, but those who were invited were not worthy to come. Go out, therefore, into the main roads and invite to the feast whomever you find.’ The servants went out into the streets and gathered all they found, bad and good alike, and the hall was filled with guests. But when the king came in to meet the guests he saw a man there not dressed in a wedding garment. He said to him, ‘My friend, how is it that you came in here without a wedding garment?’ But he was reduced to silence. Then the king said to his attendants, ‘Bind his hands and feet, and cast him into the darkness outside, where there will be wailing and grinding of teeth.’ Many are invited, but few are chosen.”
Alleluia
♪ A song for Ben
मैं तुम पर स्वच्छ जल छिड़कूँगा और तुम्हें तुम्हारे सब पापों से शुद्ध करूँगा।
Homily

प्रिय भाइयों और बहनों,

कल्पना कीजिए कि आप एक लंबे, धूल भरे और तपे हुए रेगिस्तान में पैदल चल रहे हैं। आपकी त्वचा धूप से झुलस रही है, आपके गले में प्यास का काँटा चुभ रहा है, और आपके पाँव धूल से ढके हैं। ऐसे क्षण में, यदि कोई आपके पास आए और आपके चेहरे और हाथों पर ठंडा, निर्मल और स्वच्छ जल छिड़क दे... तो आपको कैसा महसूस होगा? वह जल केवल त्वचा की धूल को नहीं धोता, बल्कि वह आत्मा के भीतर छुपी हुई थकान को मिटा देता है। वह आपको पुनः जीवित कर देता है।

आज के पहले पाठ में, यहेज़केल नबी के द्वारा ईश्वर अपने दुखी और निराश लोगों से यही प्रतिज्ञा करते हैं। इस्राएली प्रजा निर्वासन के दुःख से टूट चुकी थी। उनके मन भारी थे, उनके दिल पत्थर की तरह कठोर और सुन्न हो चुके थे। और ऐसे कठिन समय में, ईश्वर उनके बीच आकर एक अद्भुत वचन कहते हैं:

“मैं तुम पर स्वच्छ जल छिड़कूँगा ताकि तुम शुद्ध हो जाओ... मैं तुम्हें एक नया हृदय दूँगा और तुम्हारे भीतर एक नई आत्मा उत्पन्न करूँगा; मैं तुम्हारे शरीर में से पत्थर का हृदय निकालकर तुम्हें मांस का हृदय दूँगा।”

'मांस का हृदय'—यानी एक ऐसा हृदय जो कोमल है, जो महसूस कर सकता है, जो प्रेम कर सकता है, जो ईश्वर की उपस्थिति के प्रति संवेदनशील है।

और आज का भजनकार भी अपने भीतर की पुकार को इसी जल से जोड़ता है: “हे ईश्वर! मेरे लिए एक शुद्ध हृदय उत्पन्न कर... मुझे अपने उद्धार का आनंद पुनः लौटा दे।”

यह 'निर्मल जल' और 'कोमल हृदय' ईश्वर का वह उपहार है, जिसे वह हमें हमारे जीवन की सबसे गहरी और सूखी घाटियों में प्रदान करते हैं।

आज, 20 अगस्त है। हमारे प्यारे बेंजामिन वो (Benjamin Vo) को ईश्वर के घर गए आज नौ सप्ताह पूरे हो गए हैं। 13 जून, 2026 से लेकर आज तक, ये नौ सप्ताह एलन, थाओ और छोटे भाई रयान के लिए बहुत लंबे और कठिन रहे हैं।

जब कोई दुःख हमारे जीवन में अचानक आ गिरता है, तो शुरू के कुछ हफ़्तों में हमारे चारों ओर लोगों की भीड़ होती है। सगे-संबंधी आते हैं, मित्र सांत्वना देते हैं, घर में प्रार्थनाएँ होती हैं। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, नौ हफ़्तों के बाद... दुनिया अपनी पुरानी दिनचर्या में वापस लौटने लगती है। लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त हो जाते हैं—ठीक वैसे ही जैसे आज के सुसमाचार में राजा के आमंत्रण को सुनकर कुछ लोग अपने खेतों की ओर चले गए और कुछ अपने व्यापार की ओर।

परंतु माता-पिता के लिए, परिवार के लिए, वह सन्नाटा और गहरा हो जाता है।

नौ हफ़्तों के बाद का यह सन्नाटा बहुत भारी होता है। वह कमरा जो कभी बेन की उपस्थिति से जगमगाता था, आज शांत है। उसकी कुर्सी खाली है। घर के किसी कोने में पड़ी उसकी कोई वस्तु, उसकी कोई याद, अचानक आँखों में आँसुओं का सैलाब ले आती है। ऐसे समय में, इंसान का दिल कभी-कभी अत्यधिक दुःख के बोझ से सुन्न होने लगता है। दर्द से बचने के लिए, हमारा हृदय अपने चारों ओर एक दीवार खड़ी कर लेता है—वह पत्थर की तरह कठोर होना चाहता है ताकि और चोट न पहुँचे।

लेकिन ईश्वर का वचन आज हमारे उस सुन्न पड़ रहे हृदय पर धीरे से स्पर्श करता है। ईश्वर जानते हैं कि आपका दिल भारी है। वे इस दुःख को अनदेखा नहीं करते। वे सांत्वना देने से पहले हमारे इस सच को स्वीकार करते हैं कि विरह का यह जख्म बहुत गहरा है।

और इसी गहरे दुःख के बीच, आज का सुसमाचार अपनी दिव्य ज्योति लेकर प्रवेश करता है।

प्रभु यीशु आज हमें राजा के विवाह के भोज का दृष्टांत सुनाते हैं। राजा अपने पुत्र के विवाह का एक विशाल भोज तैयार करता है। जब पहले आमंत्रित लोग नहीं आए, तो राजा ने अपने सेवकों से कहा: “सड़कों के चौराहों पर जाओ और जितने लोग तुम्हें मिलें, उन सब को विवाह के भोज में बुला लाओ।”

और मंडप अतिथियों से भर गया।

यह स्वर्गीय भोज क्या है? यह पिता ईश्वर का वह अनन्त राज्य है, जहाँ कोई रोना, कोई बीमारी, कोई विरह और कोई पीड़ा नहीं है। इस सांसारिक जीवन में हमारे छोटे-बड़े उत्सव समाप्त हो जाते हैं, हमारी खुशियों पर कभी-कभी दुखों की छाया पड़ जाती है। परंतु पिता ईश्वर का स्वर्गीय भोज कभी समाप्त नहीं होता।

और जो कोई उस स्वर्गीय मंडप में प्रवेश करता है, वह पवित्र आत्मा के निर्मल जल से धोया जाकर, अनुग्रह का 'विवाह-वस्त्र' धारण करता है।

जब हम हमारे प्यारे बेंजामिन (Ben) के पंद्रह वर्षों के सुंदर जीवन को देखते हैं, तो हमें स्पष्ट दिखाई देता है कि ईश्वर ने उस बालक को एक असाधारण 'कोमल हृदय' प्रदान किया था। बेन का दिल कभी पत्थर का नहीं था। वह एक ऐसा बालक था जो बहुत ही नम्र, स्नेही और दूसरों के प्रति गहरा आदर रखने वाला था।

बेन के पास एक तीक्ष्ण और कुशाग्र बुद्धि थी, लेकिन उसकी सबसे बड़ी सुंदरता उसकी बौद्धिक क्षमता में नहीं, बल्कि उसके निष्कपट और दयालु हृदय में थी। उसे अपने पिताजी के पास बैठकर कहानियाँ सुनना बेहद पसंद था। वह घंटों शांत होकर, पूरे ध्यान और प्रेम से अपने पिता की बातों को सुनता था। उस छोटे से बालक का अपने पिता के साथ एक ऐसा गहरा और अदृश्य आत्मिक जुड़ाव था जो शब्दों से परे था। जब वह सुनता था, तो उसका हृदय पूरी तरह उपस्थित रहता था। वह एक ऐसा दिल था जो ईश्वर की आज्ञाकारिता और माता-पिता के प्रति असीम प्रेम से भरा हुआ था।

बेंजामिन के इसी कोमल हृदय की एक झलक उसके उस सपने में भी मिलती है, जो उसने अपने पिताजी को दिखाया था। उस सपने में, जब उसके पिताजी ने उसे गले से लगा लिया, तो बेन ने अपने पिता के अश्रुपूरित मन को शांत करते हुए कहा था: “माँ-पिताजी, चिंता न करें... मैं अब हमेशा के लिए स्वर्ग में हूँ। मैं आप पर अपनी नज़र बनाए रखूँगा।”

यह एक पंद्रह साल के बालक के मुख से निकला वह आश्वासन है, जो किसी भी सांसारिक शब्द से अधिक गहरा है। वह स्वर्गीय राजा के उस महान विवाह-भोज के मंडप में पहुँच चुका है। उसने वह अनुग्रह का वस्त्र पहन लिया है जिसे ईश्वर का निर्मल जल स्वच्छ करता है।

इतना ही नहीं, उस प्यारे बालक का प्रेम आज भी इस पृथ्वी पर जीवित है। जैसे यहेज़केल नबी के द्वारा ईश्वर ने स्वच्छ जल छिड़कने का वादा किया था, वैसे ही बेन की याद में, उसके उस दयालु और निष्कलंक हृदय को सम्मान देने के लिए, दूर वियतनाम के एक गाँव (Cà Mau) में एक 'निर्मल जल का कुआँ' समर्पित किया गया है—'ज़िएंग जिओआन बाओतिक्शिता'। वह कुआँ आज प्यासे लोगों को स्वच्छ और जीवनदायी जल प्रदान कर रहा है। यह इस बात का जीवित प्रमाण है कि बेन का प्रेम और उसकी करुणा आज भी एक बहते हुए झरने की तरह दुनिया को सींच रही है।

परंतु आज, इस सुसमाचार के सम्मुख खड़े होकर, मुझे माता-पिता—एलन और थाओ—के हृदय से एक भारी पत्थर को tenderly हटाना है।

अक्सर, जब कोई परिवार किसी प्रिय संतान को इतनी कम उम्र में खो देता है, तो नौ हफ़्तों के सन्नाटे में माता-पिता के मन में गुप्त रूप से एक भयानक विचार आने लगता है। वे रात के अंधेरे में सोचते हैं: 'क्या हमसे कोई कमी रह गई? क्या हमने कोई लक्षण अनदेखा कर दिया? क्या हम कुछ और कर सकते थे? क्या ईश्वर हमसे रुष्ट थे?'

यह एक ऐसा मानसिक बोझ और आत्म-दोष है जिसे कई माता-पिता चुपचाप सहन करते हैं।

लेकिन आज, ख्रीस्त के अधिकार के साथ, मैं आपसे यह कहना चाहता हूँ: यीशु ने उस अंधे मनुष्य के विषय में क्या कहा था जब शिष्यों ने पूछा कि किसने पाप किया था? यीशु ने उत्तर दिया था: “न तो इसने पाप किया था और न इसके माता-पिता ने।”

बीमारी, दुःख या मृत्यु कभी भी ईश्वर का दंड नहीं होती। यह किसी की गलती, किसी चूक या किसी देखभाल की कमी का परिणाम नहीं है। यह एक ऐसा सांसारिक तूफान है जो किसी भी मानवीय नियंत्रण से परे है। कोई भी सावधानी या कोई भी मानवीय प्रयास इसे रोक नहीं सकता था।

एलन और थाओ, आपने बेंजामिन को अपनी पूरी आत्मा, अपने पूरे अस्तित्व से प्रेम किया। आपने उसे एक सुंदर, सुरक्षित और आनंदमयी जीवन दिया। ईश्वर की दृष्टि में आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आप पर कोई आरोप नहीं लगाते। आज यीशु आपके करीब आते हैं और आपके हाथों से उस आत्म-दोष के भारी पत्थर को उठाकर दूर फेंक देते हैं। अपने हृदय को इस बोझ से मुक्त कीजिए। आप केवल शोक मनाने के लिए स्वतंत्र हैं—बिना किसी अपराधबोध के, केवल निष्कलंक प्रेम के साथ।

और प्यारे रयान... तुम अपने भाई बेंजामिन के सबसे प्यारे मित्र और साथी थे। तुमने उसके साथ दुनिया घूमी, उसके साथ हँसे, उसके साथ हर पल साझा किया। जब तुम बेन को याद करते हो, तो याद रखो कि वह तुम्हारे बहुत करीब है। वह तुम्हारे हर कदम को देख रहा है। तुम्हें उसके लिए, उसकी मुस्कान को अपने भीतर समेटकर, आगे बढ़ना है और पूरे साहस के साथ जीवन जीना है।

हम आज उन सभी परिवारों से भी जुड़ते हैं जो दूर-दराज से इस प्रार्थना में हमारे साथ हैं। विशेषकर वे माता-पिता जो अपने पीड़ित बच्चों की सेवा कर रहे हैं, जो अस्पतालों के कमरों में बैठे हैं, या जो किसी भी भारी क्रूस को उठा रहे हैं। कलीसिया आज आपको अपनी बाहों में समेटती है। ईश्वर आपके हर एक आँसू को गिनते हैं।

आज के इस पवित्र दिन पर, जब हम संत बर्नार्ड का स्मरण करते हैं—वे संत जिनका हृदय धन्य माता मरियम और यीशु के प्रेम से इतना सराबोर था कि उनके मुख से निकलने वाले शब्द शहद की तरह मीठे होते थे—आइए हम भी माता मरियम के चरणों में आएँ। माता मरियम ने स्वयं क्रूस के नीचे खड़े होकर अपने निर्दोष पुत्र की मृत्यु का असीम दुःख सहा था। वे जानती हैं कि एक माँ और पिता का दिल कैसे टूटता है।

वे आज एलन, थाओ और रयान को अपने आंचल में छिपा लेती हैं।

भाइयों और बहनों, आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा और स्पष्ट विश्वास लेकर जाएँ।

आज जब भी आप पानी को छुएँ—चाहे पीने के लिए एक गिलास पानी लें, या अपने हाथों को धोएँ—तो एक क्षण के लिए रुकिए। उस निर्मल जल की बूँदों को अपनी उंगलियों पर महसूस कीजिए। और यहेज़केल नबी के उस वचन को याद कीजिए:

“मैं तुम पर स्वच्छ जल छिड़कूँगा... और तुम्हें एक नया हृदय दूँगा।”

विश्वास रखिए कि ईश्वर आपके इस टूटे हुए हृदय को धीरे-धीरे अपनी शांति से भर रहे हैं। बेंजामिन वो मरा नहीं है; वह जीवित है। वह स्वर्गीय राजा के उस अनंत विवाह-भोज में, जहाँ जीवन का जल अनवरत बहता है, संत कार्लो अकुतिस और सभी संतों के साथ बैठा है।

वह अब अनन्त ज्योति में विश्राम कर रहा है, और वह हमेशा, हमेशा के लिए ईश्वर के प्रेम में सुरक्षित है।

आमीन।

मनन
♪ “Teri Baahon Mein (Organ/Cello)” — A song for Ben
Prayers of the Faithful

For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:

“Ben - मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है। तुम्हारा जब भी मन चाहे, आकर हमसे मिलते रहना। मेरे बेटे, इतने दर्द के बिना आगे बढ़ने में हमारी मदद करना। कृपया हमारे लिए प्रार्थना करना।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“हे प्रभु, कृपया मेरे छोटे भाई की आत्मा को अपने पास स्वीकार करें। उसे क्षमा करें और स्वर्ग के राज्य में शांति प्रदान करें। मेरे परिवार को शांति दें और मुझे इससे उबरने की शक्ति प्रदान करें। मैं उसे आपके हाथों में सौंपता हूँ।” — Anh huy
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“कृपया Jesus, Mother Mary और Saint John the Baptist, कृपया मेरे परिवार का ध्यान रखें। कृपया Benjamin को अपनी बाहों में सुरक्षित रखें। कृपया उसकी देखभाल ठीक वैसे ही करें जैसे हमने धरती पर पिछले 15 वर्षों में उसकी देखभाल की थी। कृपया Ben को जितनी बार संभव हो, उतनी बार आकर हमसे मिलने दें।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“हे पिता, कृपया मेरे भाई को स्वीकार करें और धरती पर मेरी सभी कमियों को क्षमा करें। ईश्वर हमारी आत्माओं को संबल दें, और हमें यह दृढ़ विश्वास प्रदान करें कि एक दिन हम उनके प्रेम में तुमसे फिर मिलेंगे। आमीन।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“Ben, कृपया Aunt Maria Tran Ngoc Lan की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“हे Ben, कृपया Grandma के लिए प्रार्थना करना। वह अभी भी निमोनिया से ठीक होने के लिए अस्पताल में हैं। कृपया उन्हें स्वस्थ होने और Grandpa के पास घर वापस आने की शक्ति देना। कृपया Jesus से कहना कि वह हमारे परिवार की देखभाल के लिए अपना आशीर्वाद भेजें।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“अरे Ben - प्लेन में बैठकर तुम्हारे बारे में सोच रहा हूँ। ज़िंदगी कितनी छोटी है। मुझे अब भी यक़ीन नहीं होता कि तुम अब हमारे साथ यहाँ नहीं हो। इस धरती पर 15 साल तक मेरे बेटे रहने के लिए धन्यवाद। मुझे उम्मीद है कि किसी दिन स्वर्ग में तुमसे हमेशा के लिए फिर मिलूँगा। तब तक, कृपया अपने माता-पिता का 'ध्यान रखना' जैसा तुमने मुझसे मेरे सपनों में वादा किया था। मुझे तुमसे बहुत प्यार है, Ben।” — Dad
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।
“Ben, आज मैं फिर करवटें बदल रहा हूँ, आँखें बंद हैं लेकिन नींद नहीं आ रही। मैं Ben के बारे में बहुत सोच रहा हूँ। तुमसे बहुत प्यार है Ben।”
… हम Ben को सौंपते हैं, जो इसे प्रभु तक पहुँचाता है।
℟ Ben, हमारे लिए प्रार्थना करो।

🕯 प्रार्थना दीवार पर अपनी प्रार्थना रोशन करें →

प्रभु की प्रार्थना

मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:

हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।

कम्युनियन गीत
♪ “Mahan Balidaan (Version B)” — A song for Ben
Blessing

✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।

समापन गीत
♪ “Ummeed Ki Jyoti (Version A)” — A song for Ben
पिछ्ले दिन
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