पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। प्रभु की कृपा और शांति आप सबके साथ हो।
हे प्रभु, दया कर। हे ख्रीस्त, दया कर। हे प्रभु, दया कर।
प्रिय भाई-बहनों, आज हम संत मरियम मगदलीनी के पर्व पर एकत्रित हुए हैं, और उनके जीवन की कहानी हमें प्रेम और खोज की एक गहरी यात्रा पर ले जाती है। पहले पाठ में, हम 'गीतों के गीत' से एक सुंदर और प्रतीकात्मक अंश सुनते हैं, जहाँ दुल्हन अपने प्रियतम की तलाश में शहर में भटकती है। वह कहती है, 'मैंने उसे ढूँढा, पर मुझे वह नहीं मिला।' यह एक ऐसी प्यास है, एक ऐसी उत्कंठा है जो मानव हृदय में ईश्वर के लिए होती है। क्या हम सबने कभी अपने जीवन में उस 'प्रियतम' को खोजने की कोशिश नहीं की है, चाहे वह शांति हो, प्रेम हो, या स्वयं ईश्वर हो?
और फिर, सुसमाचार में, हम मरियम मगदलीनी को देखते हैं, जो भोर होते ही कब्र पर जाती है, जबकि अभी भी अँधेरा था। वह देखती है कि पत्थर हटा दिया गया है, और उसका हृदय टूट जाता है। वह रोती है, क्योंकि उसे लगता है कि उसके प्रभु का शरीर भी उससे छीन लिया गया है। उसके आँसू, उसकी हताशा, उसकी खोज… यह सब हमें उस गहरे प्रेम को दिखाता है जो उसे यीशु से था। वह इतनी व्याकुल थी कि उसने पुनर्जीवित यीशु को भी नहीं पहचाना, उन्हें माली समझ बैठी। लेकिन फिर, यीशु ने उसे नाम से पुकारा: 'मरियम!' और उस एक शब्द में, उसकी दुनिया बदल गई। उसकी सारी खोज समाप्त हो गई, क्योंकि उसे 'वह मिल गया, जिसे उसका हृदय प्यार करता था'।
आज हम बेंजामिन वो को याद करते हैं, जिसे हम प्यार से बेन बुलाते थे। बेन का जीवन, हालांकि छोटा था, हमें इस खोज और प्रेम की याद दिलाता है। बेन एक ऐसा लड़का था जिसमें असाधारण बुद्धि और असीम जिज्ञासा थी। वह दुनिया को समझना चाहता था, हर चीज़ के पीछे के तर्क को जानना चाहता था। क्या आपने कभी देखा है कि कैसे एक युवा मन किसी जटिल समस्या को हल करने में पूरी तरह डूब जाता है? बेन ऐसा ही था। वह AI, DevOps, और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी चीज़ों में इतनी कम उम्र में ही गहराई से उतर गया था, अपने पिता के साथ जटिल विचारों पर चर्चा करता था। यह उसकी बुद्धि और समझने की अदम्य इच्छा का प्रमाण था।
मरियम मगदलीनी की खोज और बेन की जिज्ञासा, दोनों ही अपने-अपने तरीके से सत्य और प्रेम की तलाश थी। मरियम ने अपने प्रिय प्रभु को पाया, और बेन ने अपनी जिज्ञासा के माध्यम से दुनिया की सुंदरता और जटिलता को समझा। उसका जीवन, उसकी मुस्कान, और उसकी उत्सुकता हमें याद दिलाती है कि ईश्वर हमें हमारे जुनून और हमारी प्रतिभा के माध्यम से भी अपने पास बुलाते हैं। बेन ने 'प्रयास करना ही सब कुछ है' के सिद्धांत पर जीवन जिया, चाहे वह बैडमिंटन में हो या जीवन के किसी भी क्षेत्र में। उसकी यह भावना हमें सिखाती है कि हमें भी कभी हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि अपने जीवन के हर पल में ईश्वर को खोजना चाहिए।
बेन अब स्वर्ग के भोज में है, जहाँ उसे वह शांति और प्रेम मिल गया है जिसकी मरियम मगदलीनी ने खोज की थी। हम विश्वास करते हैं कि वह प्रभु के आलिंगन में विश्राम कर रहा है। उसके माता-पिता, एलन और थाओ, उसके भाई रयान, और उसके सभी प्रियजन जो उसके जाने से दुखी हैं, हम आपको यह याद दिलाना चाहते हैं कि प्रभु आपके आँसू देखते हैं, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने मरियम के आँसू देखे थे। वह आपको नाम से पुकारते हैं, आपको सांत्वना देते हैं। उन सभी बच्चों के लिए जो पीड़ा में हैं, और उन सभी परिवारों के लिए जो एक भारी क्रूस उठा रहे हैं, हम प्रार्थना करते हैं कि आप ईश्वर की गोद में सुरक्षित महसूस करें। ईश्वर आपको देखते हैं, आपको समझते हैं, और आपको अपने प्रेम में धारण करते हैं, और आपको आशा देते हैं कि एक दिन आप भी अपने प्रियजनों को फिर से पाएंगे, जैसे मरियम ने अपने प्रभु को पाया था। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आप सबको आशीष दें, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। शांति से जाएँ, प्रभु की सेवा करें।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।