पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। प्रभु की शांति और अनुग्रह आप सभी के साथ हो।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
हम अक्सर न्याय को एक तराजू के रूप में देखते हैं—एक तरफ हमारे कार्य, दूसरी तरफ उनका परिणाम। हम सोचते हैं कि यदि हम सही बीज बोएंगे, तो हमें सही फल मिलेगा। और जब हम बेंजामिन वो (Benjamin Vo) जैसे एक पंद्रह वर्षीय बालक के जीवन को देखते हैं, जिसकी बुद्धि किसी वैज्ञानिक से कम नहीं थी, जो क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के जटिल कोड को ऐसे समझता था जैसे कोई पक्षी हवा की दिशा को समझता है, तो हमारा मन तर्क करने लगता है। हम सोचते हैं कि ऐसे प्रतिभाशाली और कोमल हृदय वाले बालक का जीवन एक लंबी और भव्य यात्रा होनी चाहिए थी। आज, जब बेंजामिन के प्रभु के पास गए दो महीने हो चुके हैं, आप माता-पिता, एलन और थाओ, और रयान, आप उस खालीपन को देख रहे हैं। क्या यह यात्रा अधूरी रह गई? क्या कहीं कोई हिसाब गलत हो गया?
आज का पहला पाठ हमें एक गहरा उत्तर देता है। संत पौलुस कहते हैं: 'मेरे लिए यह बहुत छोटी बात है कि मैं आप लोगों द्वारा या किसी मानवीय अदालत द्वारा परखा जाऊँ। मैं तो स्वयं अपना भी न्याय नहीं करता... मेरा न्याय करने वाला तो प्रभु है।' यहाँ पौलुस हमें एक ऐसी जगह ले जा रहे हैं जहाँ हमारे सारे मानवीय तर्क और हिसाब-किताब शांत हो जाते हैं। बेन का जीवन केवल पंद्रह वर्षों का नहीं था, वह ईश्वर की दृष्टि में एक पूर्ण जीवन था। वह 'कॉन चिम एयरलाइन्स' (Con Chim Airlines) के अपने सपनों के बारे में बात करते हुए जिस तरह खिलखिलाकर हँसता था, वह हँसी ईश्वर की दृष्टि में किसी भी महान उपलब्धि से कम नहीं थी। उसकी बुद्धिमत्ता, उसका वह कोमल प्रस्ताव—जब उसने अपने चाचा विलियम की बीमारी के समय अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश की थी—यह सब प्रेम की ऐसी भाषा थी जिसे दुनिया नहीं समझ सकती, लेकिन ईश्वर उसे पहचानते हैं।
एलन और थाओ, मैं जानता हूँ कि इन दो महीनों में, जब रात का सन्नाटा गहरा होता है, तो मन अक्सर उन सवालों में उलझ जाता है जिन्हें हम 'आत्म-दोष' कहते हैं। क्या हमने कुछ छोड़ा? क्या हमने कुछ और किया होता? यह पत्थर बहुत भारी है। इसे अपने हृदय पर न रखें। यीशु ने आज के सुसमाचार में फरीसियों को एक नई दृष्टि दी। उन्होंने कहा कि पुराने मशक में नया दाख-रस नहीं भरा जा सकता। ईश्वर का प्रेम और उनकी योजनाएं अक्सर हमारी पुरानी सोच—कि 'बीमारी एक दंड है' या 'मृत्यु एक असफलता है'—से कहीं बड़ी और नई हैं। बेन की बीमारी किसी की गलती नहीं थी। आपने उसे दुनिया का हर सुख दिया, उसे लूर्देस और वेटिकन की यात्राएं कराईं, और सबसे बढ़कर, उसे वह प्रेम दिया जो किसी भी महल से बड़ा था। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं।
रयान, मेरे बेटे, तुम अपने भाई के सबसे अच्छे दोस्त थे। तुम दोनों ने साथ में जो हँसी साझा की, जो सपने देखे, वह अब नष्ट नहीं हुए हैं। वे बेन की उस 'कोशिश ही सब कुछ है' वाली भावना के साथ तुम्हारे भीतर जीवित हैं। बेन का वह प्रेम, जो वियतनाम के का माऊ में उस कुएं (Giếng Gioan Baotixita) के माध्यम से आज भी प्यासों को जीवन का जल दे रहा है, यह बताता है कि बेन का जीवन अभी भी बह रहा है। वह अब उस स्वर्गीय भोज में है।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। बेन की उस मुस्कान को याद रखें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी दया की ज़रूरत है। बेन का जीवन एक ऐसी नई शराब थी जिसे ईश्वर ने एक नए और अनंत मशक में भर लिया है। वह अब सुरक्षित है। वह अब उस अनंत आकाश में उड़ान भर रहा है जिसका वह सपना देखता था। ईश्वर का प्रेम आपके घावों को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको अपनी शांति से आशीष दे और आपको अपनी बाहों में थामे रखे। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।