पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। प्रभु का अनुग्रह और शांति आप सभी के साथ हो।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
आज हम एक ऐसे प्रतीक को देख रहे हैं जो दुनिया की नज़रों में हार का चिह्न था, लेकिन मसीह के प्रेम में वह जीत का झंडा बन गया। आज का पहला पाठ हमें मरुभूमि की यात्रा पर ले जाता है। इस्राएली लोग थक चुके हैं। वे शिकायत करते हैं, वे कुड़कुड़ाते हैं, और अंततः वे उस दंश का सामना करते हैं जो उनके भीतर के अविश्वास से उपजा है। वे सांपों से काटे गए हैं, और वे मर रहे हैं। तब मूसा ने एक कांसे के सांप को खंभे पर ऊँचा उठाया। जो कोई उस ओर देखता, वह जीवित बच जाता। यह एक अजीब सा दृश्य है, है ना? एक ऐसी चीज़ जो मौत का कारण बनी, वही अब जीवन का मार्ग बन गई है।
यही क्रूस का रहस्य है। आज हम जिस क्रूस की महिमा गा रहे हैं, वह केवल लकड़ी का दो टुकड़ा नहीं है। यह उस प्रेम का प्रमाण है जिसने मृत्यु को भीतर से जीत लिया। यीशु ने निकोदेमुस से कहा, 'जैसे मूसा ने मरुभूमि में सांप को ऊपर उठाया, वैसे ही मनुष्य के पुत्र का भी ऊपर उठाया जाना आवश्यक है।' सोचिए, उस ऊँचाई पर—क्रूस पर—यीशु हमें क्या दिखा रहे हैं? वे हमें दिखा रहे हैं कि ईश्वर ने दुनिया को कितना प्रेम किया। वे हमें दिखा रहे हैं कि हमारा दर्द, हमारी हार, हमारे आंसू—ये सब ईश्वर की दृष्टि से बाहर नहीं हैं।
एलन, थाओ, और प्यारे रयान, मैं जानता हूँ कि तीन महीने पहले, 13 जून को, जब बेन ने इस दुनिया से विदा ली, तो आपके जीवन का आकाश अचानक जैसे ढह गया। उस दिन आपके घर में जो सन्नाटा छाया, वह कोई साधारण सन्नाटा नहीं था। वह एक ऐसे बेटे का सन्नाटा था जिसकी जिज्ञासा और हँसी ने हर कोने को जीवंत रखा था। मुझे वह याद आता है जब आप बेन की उन तस्वीरों को देखते हैं—शायद वह, जहाँ वह अपने छोटे भाई रयान के साथ, अपने 'अप' (UP) स्वेटर में डिज्नीलैंड के महल के सामने खड़ा है। वह मुस्कान, वह आत्मविश्वास, वह जीवन की चमक... और अब, वह खाली कुर्सी। यह दर्द उतना ही वास्तविक है जितना कि आज हम यहाँ सांस ले रहे हैं।
मैं आज आपसे उस पत्थर के बारे में बात करना चाहता हूँ जो कई बार माता-पिता के हृदय पर भारी होकर बैठ जाता है। वह है 'आत्म-दोष' का पत्थर। आप में से कई लोग, जो इस भारी दुख से गुजर रहे हैं, शायद रात के अंधेरे में खुद से पूछते हैं: 'क्या मैंने कुछ छोड़ दिया? क्या मैं कुछ और कर सकता था? क्या यह मेरी कोई कमी थी?' मैं आज आपसे यीशु के नाम पर कहना चाहता हूँ: उस बोझ को वहीं क्रूस के चरणों में रख दीजिए। बेन की बीमारी, उसका जाना—यह किसी की गलती नहीं थी। यह न तो कोई सजा थी, न ही किसी की लापरवाही का नतीजा। ईश्वर ने बेन को आपको सौंपा, और आपने उसे वह प्रेम दिया जो किसी भी महल की नींव से अधिक गहरा था। आपने उसे दुनिया दिखाई, आपने उसे अपनी बाहों में रखा, और आपने उसे वह सुरक्षा दी जो एक पिता और माता का प्रेम दे सकता है। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। वह बीमारी, वह दुख, मानवीय नियंत्रण से परे था। ईश्वर ने उसे नहीं भेजा, और आप उसे रोक नहीं सकते थे। कृपया, खुद को माफ कीजिए। बेन नहीं चाहता कि उसके माता-पिता और उसका भाई खुद को दोषी मानें।
बेन का जीवन एक 'ऊँचाई' की तरह था—जैसे वह विमान जो बादलों के ऊपर उड़ता है। वह एक ऐसा बालक था जो 'कॉन चिम एयरलाइन्स' के सपनों में खोया रहता था। वह विमानों के प्रति अपने जुनून में ईश्वर की विशालता को देखता था। उसका वह कोमल हृदय याद कीजिए—जब उसने अपने चाचा विलियम की बीमारी के समय अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश की थी। उसने उसे तोड़ा नहीं, न ही उसने उसे खाली किया, क्योंकि उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी, लेकिन वह 'प्रस्ताव' ही उसके हृदय का सबसे बड़ा सच था। वह अपने पास जो कुछ भी था, उसे न्योछावर करने को तैयार था। क्या आपको लगता है कि ऐसा हृदय कभी मर सकता है? नहीं। वह प्रेम अब भी जीवित है। आज वह प्रेम वियतनाम के का माऊ में उस कुएं (Giếng Gioan Baotixita) के माध्यम से प्यासों को जीवन का जल दे रहा है। उसका नाम 'दाइ दुआंग'—'महान महासागर'—सचमुच सार्थक हो रहा है। उसका प्रेम अब भी बह रहा है।
रयान, मेरे बेटे, तुम और बेन एक ही प्रेम की धारा के दो हिस्से हो। तुम दोनों ने साथ में जो सपने देखे, जो खिलखिलाहट साझा की, वह कभी खत्म नहीं होगी। तुम आज अपने माता-पिता के लिए उस सहारे की तरह हो जो क्रूस के नीचे खड़े होकर भी प्रेम को थामे रखता है। तुम अकेले नहीं हो। बेन तुम्हें देख रहा है, और वह तुम्हें उस ऊंचाई से देख रहा है जहाँ कोई दर्द नहीं है।
आज का सुसमाचार कहता है: 'ईश्वर ने दुनिया को इतना प्रेम किया कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया।' यह 'देना' ही क्रूस का सार है। बेन ने भी अपना जीवन एक उपहार की तरह दिया। उसने 15 साल की छोटी सी उम्र में वह कर दिखाया जो बहुत से लोग पूरी जिंदगी में नहीं कर पाते—उसने निस्वार्थ प्रेम किया। आज, जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। बेन की उस उदारता को याद रखें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी एक मुस्कान की ज़रूरत है। किसी को माफ करें। और सबसे बढ़कर, उस क्रूस की ओर देखें, न कि अपनी हार की ओर। क्योंकि क्रूस पर यीशु हमें यह बता रहे हैं कि मौत आखिरी शब्द नहीं है। आखिरी शब्द 'प्रेम' है। बेन उस प्रेम में सुरक्षित है। वह मुस्कुरा रहा है, वह शांत है, और वह आपसे कह रहा है: 'बा ओई, माँ, रयान, मैं ठीक हूँ। मैं यहाँ से आप सबको देख रहा हूँ।' ईश्वर का यह प्रेम आपके हर घाव को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीर्वाद दे और आपकी रक्षा करे। उसकी शांति आपके हृदय में बनी रहे। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।