पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह और शांति आप सभी के साथ हो।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
आज का सुसमाचार हमें एक बहुत ही सरल लेकिन गहरी छवि देता है: वह घर जो चट्टान पर बना है और वह घर जो बिना नींव के रेत पर खड़ा है। यीशु कहते हैं, 'वह व्यक्ति जो मेरे पास आता है, मेरी बातें सुनता है और उन पर अमल करता है, वह उस मनुष्य के समान है जिसने घर बनाने के लिए बहुत गहराई तक खुदाई की और चट्टान पर नींव रखी।' यह खुदाई, यह गहराई तक जाना—यही हमारे जीवन का असली काम है।
हम अक्सर सतह पर जीते हैं। हम अपनी योजनाओं, अपनी चिंताओं और अपनी दैनिक दौड़-धूप में व्यस्त रहते हैं। लेकिन बेंजामिन वो (Benjamin Vo) ने बहुत कम उम्र में ही यह जान लिया था कि जीवन का सार क्या है। बेन, वह प्यारा लड़का जिसकी जिज्ञासा किसी विमान के इंजन की तरह सटीक थी और जिसका हृदय किसी शांत झील की तरह गहरा था। मुझे वह दृश्य याद आता है जब बेन अपने पिता के साथ बैठकर 'कॉन चिम एयरलाइन्स' (Con Chim Airlines) के सपनों के बारे में बात करता था। वह खिलखिलाकर हँसता था, और उस हँसी में कोई दिखावा नहीं था। वह हँसी एक ऐसे हृदय से आती थी जो ईश्वर की बनाई दुनिया की सुंदरता को पहचानता था।
एलन, थाओ, और रयान, मैं जानता हूँ कि इन दो महीनों में, जब आप उस सन्नाटे को महसूस करते हैं जहाँ कभी बेन की आवाज़ गूँजती थी, तो ऐसा लगता है जैसे नींव हिल रही है। जब हम किसी अपने को खो देते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे जमीन हमारे पैरों के नीचे से खिसक गई है। लेकिन आज का सुसमाचार हमें यह नहीं कहता कि तूफान नहीं आएगा। यीशु कहते हैं, 'जब बाढ़ आई, तो नदी उस घर से टकराई।' तूफान तो आएगा ही। जीवन में दुख, वियोग और खालीपन के तूफान अनिवार्य हैं। फर्क यह नहीं है कि तूफान आता है या नहीं, फर्क यह है कि घर किस पर टिका है।
मैं आपसे उस 'आत्म-दोष' के बारे में बात करना चाहता हूँ जो अक्सर माता-पिता के हृदय को अंदर से खोखला कर देता है। वह पत्थर जो आप ढो रहे हैं—यह सोचकर कि शायद आपने कुछ कम किया, या कुछ और कर सकते थे। आज, मैं उस पत्थर को आपके हृदय से उतारना चाहता हूँ। यीशु की दृष्टि में, आप पूरी तरह निर्दोष हैं। बेन की बीमारी आपकी कोई गलती नहीं थी। यह न तो किसी की लापरवाही थी और न ही किसी का पाप। कुछ दुख ऐसे होते हैं जो मानवीय नियंत्रण से पूरी तरह परे होते हैं। जैसे एक पक्षी का उड़ना या हवा का बहना, वैसे ही कुछ दुख बिना किसी कारण के जीवन में आते हैं। आप कुछ भी कर लेते, वह बीमारी आपके प्यार या आपकी देखभाल से नहीं रुकने वाली थी। आपने बेन को वह प्रेम दिया जो किसी भी महल की नींव से अधिक मजबूत था। आपने उसे दुनिया दिखाई, आपने उसे गले लगाया, और आपने उसे वह सुरक्षा दी जो एक पिता और माता का प्रेम दे सकता है। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। आप दोषी नहीं हैं। आप सिर्फ वे माता-पिता हैं जिन्होंने एक फरिश्ते को प्यार किया।
बेन का जीवन एक 'चट्टान' पर बना था—वह चट्टान था उसका प्रेम। याद कीजिए, उसने अपने चाचा विलियम की बीमारी के समय अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश की थी। उसने उसे तोड़ा नहीं, न ही उसने उसे खाली किया, क्योंकि उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी, लेकिन वह 'प्रस्ताव' ही उसके हृदय का सबसे बड़ा सच था। वह अपने पास जो कुछ भी था, उसे न्योछावर करने को तैयार था। यह एक ऐसे बालक की पहचान है जिसकी नींव बहुत गहरी थी। वह केवल बातें नहीं करता था, वह प्रेम करता था।
रयान, मेरे बेटे, तुम और बेन एक ही नींव के दो स्तंभ हो। तुम दोनों ने साथ में जो सपने देखे, जो खिलखिलाहट साझा की, वह कभी खत्म नहीं होगी। जब तुम अपने पिता के साथ बैठते हो, तो तुम बेन के उस प्रेम को जीवित रखते हो। वह प्रेम जो अब वियतनाम के का माऊ में उस कुएं (Giếng Gioan Baotixita) के माध्यम से प्यासों को जीवन का जल दे रहा है। उसका नाम 'दाइ दुआंग'—'महान महासागर'—सचमुच सार्थक हो रहा है। उसका प्रेम अब भी बह रहा है।
संत पौलुस आज हमें याद दिलाते हैं: 'जो रोटी हम तोड़ते हैं, क्या वह मसीह के शरीर में सहभागी होना नहीं है?' हम सब एक ही रोटी के भाग हैं। बेन भी उस रोटी का भाग है। वह कहीं दूर नहीं गया है; वह बस उस 'भोज' में हमसे पहले पहुँच गया है जिसका हम सब इंतजार कर रहे हैं।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। बेन की उस उदारता को याद रखें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी एक मुस्कान की ज़रूरत है। बेन की उस खिलखिलाती हुई हँसी को याद करें और अपने जीवन में उस शांति को वापस आने दें। वह मुस्कुरा रहा है, वह सुरक्षित है, और वह आपसे कह रहा है: 'बा ओई, माँ, रयान, मैं ठीक हूँ। मैं यहाँ से आप सबको देख रहा हूँ।' ईश्वर का यह प्रेम आपके हर घाव को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीर्वाद दे और आपकी रक्षा करे। वह आप पर अपना मुख चमकाए और आपको शांति प्रदान करे।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।