पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। प्रभु आप सभी के साथ हों।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
हम अक्सर जीवन को एक ऐसी जटिल मशीन की तरह देखते हैं जिसे हम अपनी बुद्धिमत्ता, अपने तर्क और अपनी योजनाबद्ध मेहनत से नियंत्रित कर सकते हैं। बेंजामिन वो (Benjamin Vo) को याद करना, उस पंद्रह साल के लड़के की यादों में खोना, जो गणित के कठिन समीकरणों और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के जटिल कोड को ऐसे समझता था जैसे कोई भाषा बोल रहा हो, हमें इसी सच की याद दिलाता है। बेन, वह प्यारा लड़का जो अपने पिता के साथ बैठकर 'कॉन चिम एयरलाइन्स' (Con Chim Airlines) के सपनों के बारे में बात करते हुए खिलखिलाकर हँसता था, वह केवल एक मेधावी छात्र नहीं था। वह एक ऐसा बालक था जिसने जीवन की सबसे गहरी गणित को बहुत जल्दी समझ लिया था: वह गणित जो अंकों में नहीं, बल्कि प्रेम के विस्तार में होती है।
आज का सुसमाचार हमें एक ऐसे राजा की कहानी सुनाता है जो अपने सेवक का भारी कर्ज माफ कर देता है। लेकिन वह सेवक, जिसे इतना कुछ मिला, अपने साथी के छोटे से कर्ज को माफ नहीं कर पाता। यह कहानी हमें एक आईना दिखाती है। अक्सर, जब हम दुख की गहरी घाटी से गुजर रहे होते हैं, तो हमें लगता है कि ईश्वर ने हमसे बहुत कुछ छीन लिया है। हम अपने हृदय में उस 'कर्ज' का हिसाब रखने लगते हैं। 'क्यों, प्रभु? क्यों मेरा बेटा? क्यों इतनी जल्दी?' ये सवाल एक ऐसे कर्ज की तरह हैं जिसे हम ईश्वर से वसूलना चाहते हैं। लेकिन आज का वचन हमें रुकने के लिए कहता है।
एलन, थाओ, और रयान, मैं जानता हूँ कि इन तीन महीनों में, जब आप उस सन्नाटे को महसूस करते हैं जहाँ कभी बेन की आवाज़ गूँजती थी, तो ऐसा लगता है जैसे जीवन का संतुलन बिगड़ गया है। कभी-कभी, जब आप बेन की उन तस्वीरों को देखते हैं—शायद वह तस्वीर जहाँ वह पेरिस में एफिल टॉवर के नीचे अपनी माँ के कंधे पर सिर टिकाए हुए मुस्कुरा रहा है—तो उस मुस्कान के साथ ही एक गहरा दर्द भी उभर आता है। मैं आपसे उस 'आत्म-दोष' के बारे में बात करना चाहता हूँ जो अक्सर माता-पिता के हृदय को अंदर से खोखला कर देता है। वह पत्थर जो आप ढो रहे हैं—यह सोचकर कि शायद आपने कुछ कम किया, या कुछ और कर सकते थे। आज, मैं उस पत्थर को आपके हृदय से उतारना चाहता हूँ। यीशु की दृष्टि में, आप पूरी तरह निर्दोष हैं। बेन की बीमारी आपकी कोई गलती नहीं थी। यह न तो किसी की लापरवाही थी और न ही किसी का पाप। कुछ दुख ऐसे होते हैं जो मानवीय नियंत्रण से पूरी तरह परे होते हैं। जैसे समुद्र की लहरें किसी के रोकने से नहीं रुकतीं, वैसे ही कुछ दुख बिना किसी कारण के जीवन में आते हैं। आप कुछ भी कर लेते, वह बीमारी आपके प्यार या आपकी देखभाल से नहीं रुकने वाली थी। आपने बेन को वह प्रेम दिया जो किसी भी महल की नींव से अधिक मजबूत था। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। आप दोषी नहीं हैं। आप सिर्फ वे माता-पिता हैं जिन्होंने एक फरिश्ते को प्यार किया।
संत पौलुस आज हमें रोमियो के पत्र में एक बहुत ही सुंदर सांत्वना देते हैं: 'हममें से कोई भी अपने लिए नहीं जीता, और कोई भी अपने लिए नहीं मरता। यदि हम जीते हैं, तो प्रभु के लिए जीते हैं।' बेन का जीवन इसी सत्य का प्रमाण था। याद कीजिए, वह बालक जो अपने चाचा विलियम की बीमारी के समय अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश कर रहा था। उसने उसे तोड़ा नहीं, न ही उसने उसे खाली किया, क्योंकि उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी, लेकिन वह 'प्रस्ताव' ही उसके हृदय का सबसे बड़ा सच था। वह अपने पास जो कुछ भी था, उसे न्योछावर करने को तैयार था। यह एक ऐसे बालक की पहचान है जिसका हृदय ईश्वर के प्रेम से भरा था। क्या आपको लगता है कि ऐसा हृदय कभी मर सकता है? नहीं। बेन का वह प्रेम आज भी वियतनाम के का माऊ में उस कुएं (Giếng Gioan Baotixita) के माध्यम से प्यासों को जीवन का जल दे रहा है। उसका नाम 'दाइ दुआंग'—'महान महासागर'—सचमुच सार्थक हो रहा है। उसका प्रेम अब भी बह रहा है।
रयान, मेरे बेटे, तुम और बेन एक ही प्रेम की धारा के दो हिस्से हो। तुम दोनों ने साथ में जो सपने देखे, जो खिलखिलाहट साझा की, वह कभी खत्म नहीं होगी। जब तुम अपने पिता के साथ बैठते हो, तो तुम बेन के उस प्रेम को जीवित रखते हो। तुम उस 'कॉन चिम एयरलाइन्स' के उस पायलट की तरह हो जो अब अपने भाई की यादों को लेकर आगे बढ़ रहा है। वह अकेला नहीं है, और न ही तुम अकेले हो।
यीशु आज हमसे पूछते हैं, 'क्या तुम्हें अपने भाई पर दया नहीं करनी चाहिए थी?' दया का अर्थ है—हृदय को खोलना। आज, मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि आप अपने स्वयं के प्रति दयालु बनें। अपने उस हृदय को माफ करें जो अभी भी दुखी है। उस पिता को माफ करें जो अपने बेटे को नहीं बचा पाया (हालाँकि उसने सब कुछ किया), उस माँ को माफ करें जो रात को जागकर रोती है। ईश्वर ने आपको माफ कर दिया है, तो आप खुद को क्यों नहीं माफ कर सकते? बेन नहीं चाहता कि आप अपराधबोध में जिएं। वह तो बस चाहता है कि आप उसकी उस मुस्कान को याद रखें जो उसने पेरिस की धूप में बिखेरी थी।
जीवन एक हिसाब-किताब नहीं है जिसे हम पूरा करें। जीवन एक उपहार है जिसे हम साझा करें। बेन ने अपना जीवन एक उपहार की तरह जिया। उसने गणित की जटिलताओं में भी सुंदरता खोजी, उसने विमानों के पंखों में ईश्वर की रचना देखी, और उसने अपनों के प्रति अपने छोटे से हृदय से अनंत प्रेम किया। वह अब उस 'भोज' में है जहाँ कोई हिसाब नहीं होता, केवल अनंत प्रेम होता है।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। बेन की उस उदारता को याद रखें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी एक मुस्कान की ज़रूरत है। किसी को माफ करें, शायद किसी ऐसे व्यक्ति को जिसे आपने लंबे समय से दिल में दबा रखा है। बेन की उस खिलखिलाती हुई हँसी को याद करें और अपने जीवन में उस शांति को वापस आने दें। वह मुस्कुरा रहा है, वह सुरक्षित है, और वह आपसे कह रहा है: 'बा ओई, माँ, रयान, मैं ठीक हूँ। मैं यहाँ से आप सबको देख रहा हूँ।' ईश्वर का यह प्रेम आपके हर घाव को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीर्वाद दे और आपकी रक्षा करे। वह अपना मुख आप पर चमकाए और आप पर दया करे। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।