पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। प्रभु आप सभी के साथ रहें।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
हम अक्सर जीवन को एक सीधी रेखा की तरह देखते हैं—जन्म से शुरुआत, फिर सीखना, फिर बढ़ना, और अंत में एक लंबी यात्रा। हम बेन के पंद्रह वर्षों को भी शायद इसी तरह देखते हैं। एक प्रतिभाशाली बालक, जिसकी उंगलियां कीबोर्ड पर ऐसे दौड़ती थीं जैसे कोई संगीतकार पियानो पर, जो क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के जटिल कोड के बीच अपना घर ढूंढ लेता था। लेकिन आज, संत पौलुस हमें एक ऐसी सच्चाई के सामने खड़ा कर रहे हैं जो हमारी इस सीधी रेखा वाली सोच को चुनौती देती है। वे कहते हैं, 'यदि मसीह नहीं जी उठे हैं, तो हमारा विश्वास व्यर्थ है।' वे हमें उस 'प्रथम फल' की ओर इशारा कर रहे हैं, जो मृत्यु की फसल के बाद उगने वाला पहला नया जीवन है।
एलन, थाओ, और रयान, मैं जानता हूँ कि तीन महीने पहले, 13 जून को, जब बेन ने इस संसार से विदा ली, तो आप सब एक ऐसे सन्नाटे में घिर गए जिसे शब्दों में बांधना असंभव है। बेन की वह मुस्कान, उसका वह कोमल हृदय जो अपने चाचा विलियम के लिए अपनी पूरी गुल्लक देने को तैयार था—वह सब अब एक याद बनकर रह गया है। कभी-कभी, जब आप घर के किसी कोने में उसकी कोई चीज़ देखते हैं, या जब रयान को अकेले खेलते हुए देखते हैं, तो आपको लगता होगा कि क्या यह जीवन केवल एक खालीपन है? क्या वह सब कुछ जो उसने सीखा, जो उसने सपना देखा—वह 'कॉन चिम एयरलाइन्स' के वे काल्पनिक विमान जो वह उड़ाना चाहता था—क्या वे सब अब बस हवा में खो गए?
नहीं। आज का सुसमाचार हमें बताता है कि यीशु अकेले नहीं चल रहे थे। उनके साथ वे लोग थे जिन्होंने अपना सब कुछ उनके कार्य में लगा दिया था। सुसमाचार कहता है कि उन्होंने 'अपनी संपत्ति से उनकी सेवा की।' बेन ने भी अपना जीवन इसी तरह जिया। उसने केवल लिया नहीं, उसने दिया। उसने अपनी बुद्धि दी, अपनी हँसी दी, और सबसे बढ़कर, अपना प्रेम दिया। वह प्रेम कभी व्यर्थ नहीं जाता। वह प्रेम ही वह 'प्रथम फल' है जो मृत्यु की ज़मीन से फूटकर बाहर आता है।
मैं आज आपसे उस भारी पत्थर के बारे में बात करना चाहता हूँ जो अक्सर माता-पिता के हृदय पर बैठ जाता है। वह है 'आत्म-दोष' का पत्थर। आप में से कई लोग, जो इस भारी दुख से गुजर रहे हैं, शायद रात के अंधेरे में खुद से पूछते हैं: 'क्या मैंने कुछ छोड़ दिया? क्या मैं कुछ और कर सकता था? क्या यह मेरी कोई कमी थी?' मैं आज आपसे यीशु के नाम पर कहना चाहता हूँ: उस बोझ को वहीं क्रूस के चरणों में रख दीजिए। बेन की बीमारी, उसका जाना—यह किसी की गलती नहीं थी। यह न तो कोई सजा थी, न ही किसी की लापरवाही का नतीजा। ईश्वर ने बेन को आपको सौंपा, और आपने उसे वह प्रेम दिया जो किसी भी महल की नींव से अधिक गहरा था। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे नाराज़ नहीं हैं; वे आपके आंसुओं को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। वह बीमारी, वह दुख, मानवीय नियंत्रण से परे था। ईश्वर ने उसे नहीं भेजा, और आप उसे रोक नहीं सकते थे। कृपया, खुद को माफ कीजिए। बेन नहीं चाहता कि उसके माता-पिता और उसका भाई खुद को दोषी मानें।
संत पौलुस कहते हैं, 'मसीह मृतकों में से जी उठे हैं, वे उन लोगों के प्रथम फल हैं जो सो गए हैं।' बेन अब सो रहा है, लेकिन वह उस अनंत जागृति में है। याद कीजिए, वह बालक जो अपने पिता के साथ बैठकर विमानों को निहारता था। वह अब उस विमान में नहीं है जो जमीन पर उतरता है, वह अब उस अनंत आकाश में है जहाँ कोई 'एयरपोर्ट' की सीमा नहीं है। वह अब उस 'भोज' में है जिसका सपना उसने अपने जीवन में देखा था। वह अब उस 'कॉन चिम एयरलाइन्स' का हिस्सा है जो ईश्वर की करुणा के अनंत आकाश में उड़ रही है।
रयान, मेरे बेटे, तुम और बेन एक ही प्रेम की धारा के दो हिस्से हो। तुम दोनों ने साथ में जो सपने देखे, जो खिलखिलाहट साझा की, वह कभी खत्म नहीं होगी। तुम आज अपने माता-पिता के लिए उस सहारे की तरह हो जो प्रेम को थामे रखता है। तुम अकेले नहीं हो। बेन तुम्हें देख रहा है। वह अब उस अनंत आकाश में है जिसका वह सपना देखता था।
आज जब आप यहाँ से बाहर जाएँ, तो अपने साथ एक छोटा सा संकल्प लें। बेन की उस उदारता को याद रखें। किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढें जिसे आज आपकी एक मुस्कान की ज़रूरत है। किसी को माफ करें, शायद खुद को सबसे पहले। बेन की उस खिलखिलाती हुई हँसी को याद करें और अपने जीवन में उस शांति को वापस आने दें। वह मुस्कुरा रहा है, वह सुरक्षित है, और वह आपसे कह रहा है: 'बा ओई, माँ, रयान, मैं ठीक हूँ। मैं यहाँ से आप सबको देख रहा हूँ।' ईश्वर का यह प्रेम आपके हर घाव को भरे और आपको वह शांति दे जो सारी समझ से परे है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीष दे और आपकी रक्षा करे। पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।