पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। प्रभु की शांति आप सभी के साथ हो।
हे प्रभु, हम पर दया कर। हे मसीह, हम पर दया कर। हे प्रभु, हम पर दया कर।
हम अक्सर जीवन को एक नक्शे की तरह देखते हैं। हम सोचते हैं कि यदि हम सही रास्ते पर चलें, सही निर्णय लें, और 'सही' कोडिंग का पालन करें, तो हम अपनी मंज़िल तक सुरक्षित पहुँच जाएंगे। हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ हम हर चीज़ को नियंत्रित करना चाहते हैं—अपने करियर, अपने बच्चों का भविष्य, और यहाँ तक कि अपनी खुशियों को भी। लेकिन कभी-कभी, जीवन हमें एक ऐसे मोड़ पर ले आता है जहाँ सारे नक्शे धुंधले पड़ जाते हैं।
आज के पहले पाठ में, संत पौलुस गलातियों को बहुत कड़वे शब्दों में चेतावनी देते हैं। वे कहते हैं, 'मैं चकित हूँ कि तुम इतनी जल्दी उसे छोड़ रहे हो जिसने तुम्हें मसीह के अनुग्रह में बुलाया है।' पौलुस यहाँ एक सच्चाई की रक्षा कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि सुसमाचार कोई मानव निर्मित सिद्धांत नहीं है, बल्कि यह यीशु मसीह का प्रत्यक्ष रहस्योद्घाटन है। यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे हम अपनी सुविधानुसार बदल सकें। यह एक ऐसा सत्य है जो हमें तब भी थामे रखता है जब हमारे पास कोई जवाब नहीं होता।
मेरे प्यारे एलन, थाओ और रयान, मैं जानता हूँ कि पिछले तीन महीनों में, 13 जून के उस दिन के बाद से, आप लोगों ने उस सत्य को बहुत गहराई से महसूस किया है। आप उस बालक की यादों को सहेजते हैं—बेंजामिन, वह अद्भुत लड़का जिसकी बुद्धि किसी भी जटिल एल्गोरिदम को खेल-खेल में सुलझा लेती थी। वह 'कॉन चिम एयरलाइन्स' का वह प्यारा सा सपना, जिसे लेकर वह हमेशा मुस्कुराता रहता था। वह जिज्ञासा, वह कोमलता, वह रयान के साथ उसका अटूट बंधन... ये सब बस यादें नहीं हैं, ये उस ईश्वर के प्रेम के प्रमाण हैं जिसने उसे आपके जीवन में भेजा था।
लेकिन मैं जानता हूँ, रात के उस अकेलेपन में, जब घर पूरी तरह शांत होता है, क्या कभी-कभी आपके मन में वह भारी पत्थर आकर नहीं बैठ जाता? वह 'आत्म-दोष' का पत्थर—यह सोचना कि 'क्या मैंने कुछ छोड़ दिया? क्या मैं कुछ और कर सकता था?'
मैं आज यीशु के पावन नाम पर, इस वेदी के सामने, आपसे यह कहना चाहता हूँ: उस भारी पत्थर को वहीं नीचे रख दीजिए। बेन की वह बीमारी, उसका वह जाना—यह किसी की भी गलती नहीं थी। यह न तो कोई सजा थी, और न ही किसी की लापरवाही का परिणाम। ईश्वर ने बेन को आपको सौंपा, और आपने उसे वह प्रेम दिया जो इस दुनिया की किसी भी नींव से अधिक गहरा और पवित्र था। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे किसी बात के लिए नाराज नहीं हैं; वे आपके हर आँसू को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। वह बीमारी पूरी तरह से मानवीय नियंत्रण से परे थी। ईश्वर ने उसे नहीं भेजा, और आप उसे रोक नहीं सकते थे। कृपया, खुद को वह क्षमा दीजिए जो ईश्वर ने आपको बहुत पहले दे दी है। बेन कभी नहीं चाहेगा कि उसके माता-पिता और उसका भाई खुद को दोषी मानें।
सुसमाचार में, यीशु एक बहुत ही कठिन सवाल का सामना करते हैं: 'मेरा पड़ोसी कौन है?' एक कानून का जानकार यीशु को परखने के लिए यह पूछता है। यीशु उसे कोई सिद्धांत नहीं समझाते। वे उसे एक कहानी सुनाते हैं—एक ऐसे व्यक्ति की जो लुटेरों के बीच गिर गया, जिसे आधा मरा हुआ छोड़ दिया गया। एक पुजारी और एक लेवी उसे देखकर दूसरी ओर से निकल गए। लेकिन एक सामरी, जो उस समय का सबसे उपेक्षित व्यक्ति था, वह रुक गया। उसने उस घायल व्यक्ति के घावों पर तेल और दाखमधु लगाया, उसे अपने पशु पर बैठाया और सराय तक ले गया।
यीशु पूछते हैं, 'इन तीनों में से कौन उसका पड़ोसी बना?' जवाब साफ था: 'जिसने उस पर दया की।' यीशु कहते हैं, 'जाओ और तुम भी वैसा ही करो।'
मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, बेन का जीवन इसी दया का एक जीता-जागता उदाहरण था। याद कीजिए उस पल को जब उसने अपने माता-पिता से कहा था कि वह अपने चाचा विलियम की बीमारी के समय अपनी पूरी गुल्लक उन्हें दे देगा। उसने उस गुल्लक को तोड़ा नहीं, उसे कभी खाली नहीं किया—उसका वह प्रस्ताव ही उसके हृदय का सबसे बड़ा सच था। वह एक ऐसा बालक था जो बिना किसी झिझक के अपना सब कुछ देने को तैयार था। और आज, बेन का वह प्रेम रुक नहीं गया है। वियतनाम के Cà Mau में जो 'वेल ऑफ लव' (Giếng Gioan Baotixita) बना है, वह उस शुद्ध पानी की तरह है जो आज भी प्यासों को जीवन दे रहा है। बेन का नाम, उसकी वह कोमल हँसी—आज भी उन लोगों की प्यास बुझा रही है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
रयान, मेरे बच्चे, मैं जानता हूँ कि तुम अपने भाई को कितना याद करते हो। वह रोलर कोस्टर वाला सपना, जिसमें तुम और बेन साथ थे—वह कोई साधारण सपना नहीं था। वह इस बात का प्रमाण है कि बंधन कभी टूटते नहीं हैं। बेन कहीं खोया नहीं है। वह अब उस अनंत आकाश में है जहाँ किसी 'एयरपोर्ट' की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती, जहाँ 'कॉन चिम एयरलाइन्स' की हर उड़ान असीम है। वह अब उस 'भोज' में है जिसका आनंद संत कार्लो अकुतिस मना रहे हैं। वह पूरी तरह से स्वस्थ, मजबूत और आनंदित है।
हम आज यहाँ से क्या लेकर बाहर जाएं? अपने साथ यह एक छोटा सा संकल्प लें। आज शाम, जब आप अपने घर लौटें, तो किसी ऐसी बात को माफ कर दें जिसे आपने बहुत लंबे समय से पकड़ रखा है। बेन की उस उदारता को याद करें, जिसने बिना तोड़े अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश की थी। किसी ऐसे व्यक्ति को एक छोटी सी मुस्कान दें जिसे आज उसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
एलन और थाओ, आप अकेले नहीं हैं। वह ईश्वर, जो सामरी की दया में प्रकट हुआ था, वह आज आपके आँगन में खड़ा है। वह आपके आँसू पोछ रहा है और कह रहा है—'डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ।' शांति से जाइए, और इस विश्वास के साथ जिएं कि बेन सुरक्षित है, और ईश्वर का प्रेम ही हमारा अंतिम और सुंदर घर है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
प्रभु आपको आशीष दे और आपकी रक्षा करे। वह अपना मुख आप पर चमकाए और आप पर दया करे। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।