पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर। आमीन। प्रभु की शांति और करुणा आप सबके साथ हो।
हे प्रभु, हम पर दया कीजिए। हे मसीह, हम पर दया कीजिए। हे प्रभु, हम पर दया कीजिए।
कल्पना कीजिए उस सुबह की, जब सूरज अभी ठीक से उगा नहीं है, और आसमान का रंग धीरे-धीरे बदल रहा है। समुद्र की वह अथाह गहराई, वह क्षितिज जहाँ तक हमारी नज़रें जाती हैं, और हवा का वह मौन झोंका जो पत्तों को छूकर निकल जाता है—यह सब हमारे नियंत्रण से कितना बाहर है। हम मनुष्य अपनी छोटी-छोटी योजनाओं में उलझे रहते हैं, सोचते हैं कि हम सब कुछ समझ गए हैं, सब कुछ ठीक कर लेंगे। और फिर अचानक, जीवन में एक ऐसा तूफान आता है जो हमें हमारी औकात और हमारी सीमाओं का अहसास करा देता है।
आज के पहले पाठ में, ईश्वर अय्यूब से आंधी और तूफान के बीच से बात करते हैं। ईश्वर अय्यूब से पूछते हैं—'क्या तुमने कभी अपने जीवन में सुबह को आज्ञा दी है? क्या तुम समुद्र के स्रोतों तक पहुँचे हो? क्या मृत्यु के द्वार तुम्हें दिखाए गए हैं?' अय्यूब, जो अपने सारे ज्ञान और अपनी सारी धार्मिकता के साथ बैठा था, धूल और राख के बीच चुपचाप अपना हाथ अपने मुँह पर रख लेता है। वह समझ जाता है कि सृष्टिकर्ता की बुद्धि हमारी सोच से कहीं अधिक विशाल है।
एलन और थाओ, और मेरे प्यारे छोटे रयान... मैं जानता हूँ कि यह सन्नाटा आपके घर में कैसा गूँजता है। आज से ठीक तीन महीने पहले, उस तेरह जून को, जब बेन इस दुनिया से अनंत की यात्रा पर गया, तब से हर सुबह और हर शाम एक अलग ही प्रश्न छोड़ जाती है। आप उस बालक की उन अनगिनत यादों को सहेजते हैं—उसकी वह अद्भुत बुद्धि, जो चौथी कक्षा में ही आठवीं कक्षा के गणित को ऐसे हल कर देती थी जैसे कोई खेल हो। आप याद करते हैं कि कैसे वह चौदह साल की उम्र में उन जटिल तकनीकों और बादलों जैसे डेटा सिस्टम्स में गोता लगाता था जिन्हें उसके पापा ने महारत से सीखा था। और वह 'कॉन चिम एयरलाइन्स' का प्यारा सा सपना... जब भी वह इस हवाई कंपनी की बात करता था, तो उसके चेहरे पर एक ऐसी मासूम और गहरी मुस्कान तैर जाती थी जो कमरे को रोशन कर देती थी।
लेकिन उस मुस्कान के पीछे, बेन का हृदय सबसे अनमोल था। वह दुनिया का सबसे मीठा लड़का था। याद कीजिए उस पल को, जब वह केवल बारह साल का था, और उसने अपने पिता के चालीसवें जन्मदिन पर केवल इस डर से आँसू बहाए थे कि कहीं वह अपने पिता को न खो दे। वह प्रेम कितना सच्चा और कितना कोमल था! और वह बात भी, जब उसने अपने माता-पिता से कहा था कि वह अपने चाचा विलियम की बीमारी के समय अपनी पूरी गुल्लक उन्हें दे देगा। उसने उस गुल्लक को तोड़ा नहीं, उसे कभी खाली नहीं किया—वह प्रस्ताव ही उसके हृदय का सबसे बड़ा सच था। वह एक ऐसा बालक था जो बिना किसी झिझक के अपना सब कुछ देने को तैयार था।
और यही बात हमें आज के सुसमाचार के पास ले आती है। शिष्य यीशु के पास आकर पूछते हैं—'स्वर्ग के राज्य में सबसे बड़ा कौन है?' और यीशु क्या करते हैं? वे एक छोटे से बच्चे को अपने पास बुलाते हैं, उसे अपनी गोद में या अपने बीच में खड़ा करते हैं और कहते हैं—'जब तक तुम मुड़कर बच्चों जैसे नहीं बनोगे, तुम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश नहीं कर पाओगे।' यीशु यह भी कहते हैं कि इन छोटों को कभी तुच्छ मत समझो, क्योंकि स्वर्ग में उनके स्वर्गदूत लगातार मेरे स्वर्गीय पिता का चेहरा देखते रहते हैं।
बेन भी तो ठीक उसी बच्चे की तरह था। उसकी वह सादगी, उसकी वह जिज्ञासा, और उसकी वह गहरी वफादारी—वह आज स्वर्ग में उन देवदूतों के बीच है जो लगातार पिता का चेहरा देख रहे हैं। जब रयान, तुम अपने फोन केस में उस विमान के छोटे से कार्ड को सहेजकर रखते हो, जिसे तुम्हारे भाई ने छुआ था, या जब तुम अपने सपनों में उस रोलर कोस्टर पर बेन के साथ झूलते हो—वह कोई साधारण सपना नहीं है। वह इस बात का जीवित प्रमाण है कि बेन कहीं खोया नहीं है। वह बस उस अनंत आकाश में है जहाँ किसी 'एयरपोर्ट' की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।
लेकिन, एलन और थाओ... मैं आज आपसे बहुत ही कोमलता से एक बात कहना चाहता हूँ। रात के उस अकेलेपन में, जब घर पूरी तरह शांत होता है, क्या कभी-कभी आपके मन में वह भारी पत्थर आकर नहीं बैठ जाता? वह 'आत्म-दोष' का पत्थर—यह सोचना कि 'क्या मैंने कुछ छोड़ दिया? क्या मैं कुछ और कर सकता था?'
मैं आज यीशु के पावन नाम पर, इस वेदी के सामने, आपसे यह कहना चाहता हूँ: उस भारी पत्थर को वहीं नीचे रख दीजिए। बेन की वह बीमारी, उसका वह अचानक जाना—यह किसी की भी गलती नहीं थी। यह न तो कोई सजा थी, और न ही किसी की लापरवाही का परिणाम। ईश्वर ने बेन को आपको सौंपा, और आपने उसे वह प्रेम दिया जो इस दुनिया की किसी भी नींव से अधिक गहरा और पवित्र था। आप पूरी तरह निर्दोष हैं। ईश्वर आपसे किसी बात के लिए नाराज नहीं हैं; वे आपके हर आँसू को अपनी हथेलियों में समेट रहे हैं। वह बीमारी पूरी तरह से मानवीय नियंत्रण से परे थी। ईश्वर ने उसे नहीं भेजा, और आप उसे रोक नहीं सकते थे। कृपया, खुद को वह क्षमा दीजिए जो ईश्वर ने आपको बहुत पहले दे दी है। बेन कभी नहीं चाहेगा कि उसके माता-पिता और उसका भाई खुद को दोषी मानें।
बेन का जीवन एक ऐसा बीज था जिसने मरकर भी फल दिया है। वियतनाम के Cà Mau में जो 'वेल ऑफ लव' बना है, वह उस शुद्ध पानी की तरह है जो आज भी प्यासों को जीवन दे रहा है। बेन का नाम, उसकी वह कोमल हँसी—आज भी उन लोगों की प्यास बुझा रही है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। उसका प्रेम इस धरती पर रुका नहीं है; वह बह रहा है, लगातार बह रहा है।
तो फिर, हम आज यहाँ से क्या लेकर बाहर जाएं?
अपने साथ यह एक छोटा सा संकल्प लें। आज शाम, जब आप अपने घर लौटें, तो किसी ऐसी बात को माफ कर दें जिसे आपने बहुत लंबे समय से पकड़ रखा है। बेन की उस उदारता को याद करें, जिसने बिना तोड़े अपनी पूरी गुल्लक देने की पेशकश की थी। किसी ऐसे व्यक्ति को एक छोटी सी मुस्कान दें जिसे आज उसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
रयान, तुम अपने भाई के उस प्रेम को अपने पास संजोकर रखो और हिम्मत से आगे बढ़ो। एलन और थाओ, आप अकेले नहीं हैं। वह ईश्वर, जो अय्यूब के तूफान में भी मौजूद था, और जो आज इन पवित्र संरक्षक स्वर्गदूतों के माध्यम से आपकी रक्षा कर रहा है, वह आज आपके आँगन में खड़ा है। वह आपके आँसू पोछ रहा है और कह रहा है—'ड डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ।' शांति से जाइए, और इस विश्वास के साथ जिएं कि बेन सुरक्षित है, और ईश्वर का प्रेम ही हमारा अंतिम और सुंदर घर है। आमीन।
For the intentions entrusted to Ben on our prayer wall:
मुक्तिदाता के आदेश का पालन करते हुए और दिव्य शिक्षा से गठित होकर, हम कहने का साहस करते हैं:
हे हमारे पिता, तू स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो। हमारा प्रतिदिन का आहार आज हमें दे, और हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं; और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से बचा। आमेन।
सर्वशक्तिमान ईश्वर—पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा—आप को आशीर्वाद दें और अपनी शांति में सुरक्षित रखें। आमीन।
✝ सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको आशीष दें: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा। आमेन।